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मां की गोद बच्चे का पहला मदरसा व स्कूल : नायब काजी
Tue, 03 Oct 2023 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Tue, 03 Oct 2023 01:08 AM IST
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तुर्कमानपुर व बसंतपुर खास में जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी का आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मां की गोद बच्चे के लिए सबसे पहला मदरसा व स्कूल है। इसलिए उसका पढ़ा-लिखा होना बेहद जरूरी है। मुसलमान अगर तरक्की चाहते हैं तो नमाज, रोजा, हज व जकात की पाबंदी करें। शरीअत के खिलाफ कोई काम न किया जाए। ये बातें सोमवार को तुर्कमानपुर में आयोजित जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में बतौर मुख्य वक्ता नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहीं।
विशिष्ट वक्ता मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मनाना कुरआन व हदीस की रौशनी में जायज है। ईद मिलादुन्नबी की महफिलों व जलसों में अल्लाह की रहमत मिलती है।
वहीं, बसंतपुर खास में आयोजित जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में बतौर मुख्य वक्ता मुफ्ती मुनव्वर रजा ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के सदके में तमाम ईदें मिलीं। अंत में दरूद-ओ-सलाम पढ़कर मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआ मांगी गई।
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जलसे में सैयद जफर हसन, कारी मो. मोहसिन बरकाती, तौफीक रईस अनवर, डॉ. शाकिर, महबूब आलम, महमूद आलम, सैयद अरशद, सैफ अली इस्माईली, अशरफ रजा, कासिद रजा इस्माईली, हाफिज जान आदि मौजूद रहे।
अकलीमा वारसी ने मुकम्मल किया क़ुरआन-ए-पाक
गोरखपुर। जाफरा बाजार निवासी इरफानुल्लाह और जीनत वारसी की नौ वर्षीय पुत्री अकलीमा वारसी ने मोहल्ले के ही एक मकतब में पढ़ाई करते हुए करीब डेढ़ साल में कुरआन-ए-पाक पूरा पढ़ लिया। इस मौके पर महफिल हुई। बच्ची को दुआओं व तोहफों से नवाज कर हौसलाफजाई की गई।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। मां की गोद बच्चे के लिए सबसे पहला मदरसा व स्कूल है। इसलिए उसका पढ़ा-लिखा होना बेहद जरूरी है। मुसलमान अगर तरक्की चाहते हैं तो नमाज, रोजा, हज व जकात की पाबंदी करें। शरीअत के खिलाफ कोई काम न किया जाए। ये बातें सोमवार को तुर्कमानपुर में आयोजित जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में बतौर मुख्य वक्ता नायब काजी मुफ्ती मोहम्मद अजहर शम्सी ने कहीं।
विशिष्ट वक्ता मौलाना मोहम्मद अहमद निजामी ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी मनाना कुरआन व हदीस की रौशनी में जायज है। ईद मिलादुन्नबी की महफिलों व जलसों में अल्लाह की रहमत मिलती है।
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वहीं, बसंतपुर खास में आयोजित जलसा-ए-ईद मिलादुन्नबी में बतौर मुख्य वक्ता मुफ्ती मुनव्वर रजा ने कहा कि ईद मिलादुन्नबी के सदके में तमाम ईदें मिलीं। अंत में दरूद-ओ-सलाम पढ़कर मुल्क में अमन-ओ-अमान की दुआ मांगी गई।
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जलसे में सैयद जफर हसन, कारी मो. मोहसिन बरकाती, तौफीक रईस अनवर, डॉ. शाकिर, महबूब आलम, महमूद आलम, सैयद अरशद, सैफ अली इस्माईली, अशरफ रजा, कासिद रजा इस्माईली, हाफिज जान आदि मौजूद रहे।
अकलीमा वारसी ने मुकम्मल किया क़ुरआन-ए-पाक
गोरखपुर। जाफरा बाजार निवासी इरफानुल्लाह और जीनत वारसी की नौ वर्षीय पुत्री अकलीमा वारसी ने मोहल्ले के ही एक मकतब में पढ़ाई करते हुए करीब डेढ़ साल में कुरआन-ए-पाक पूरा पढ़ लिया। इस मौके पर महफिल हुई। बच्ची को दुआओं व तोहफों से नवाज कर हौसलाफजाई की गई।