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Gorakhpur News: अधिक उम्र में मां बनने पर बच्चों में जन्मजात विकृति का खतरा अधिक

Mon, 09 Oct 2023 12:51 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Oct 2023 12:51 AM IST
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Motherhood at an older age increases the risk of congenital deformities in children.
- इंडियन रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग एसोसिएशन के राष्ट्रीय सेमिनार में विशेषज्ञों ने की चर्चा
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- गर्भस्थ शिशु में विकृति की जांच के लिए 22वें हफ्ते से पहले जरूर कराएं अल्ट्रासाउंड


अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। अब लड़कियों की देर से शादी का चलन बढ़ा है। लेकिन सच्चाई यह भी है कि 35 वर्ष से अधिक उम्र में मां बनने वाली महिलाओं के शिशु में जन्मजात विकृति का खतरा अधिक होता है। गर्भावस्था के 18 से 22वें हफ्ते में विकृतियों की सटीक पहचान अल्ट्रासाउंड से हो सकती है। देश में पैदा होने वाले 100 में से एक नवजात में विकृति जरूर होती है। कुछ विकृतियां इलाज से ठीक हो जाती हैं, जबकि कुछ लाइलाज होती हैं।
ये बातें रविवार को इंडियन रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग एसोसिएशन के सेमिनार में पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. भूपेंद्र आहूजा ने कहीं। उन्होंने गर्भावस्था के दौरान विकृतियों की पहचान पर व्याख्यान दिया। रेडियोलॉजिस्ट डॉॅ. प्रदीप कुमार व डॉ. एके झा ने बताया कि देश में नि:संतान दंपतियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। इसके लिए महिला के साथ पुरुष भी जिम्मेदार होते हैं। करीब 50 फीसदी मामलों में पुरुष का स्पर्म काउंट बेहद कम रहता है। इस बीमारी का पता अल्ट्रासाउंड से चल सकता है।
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पटना के रेडियोलॉजिस्ट डॉ. मधुकर दयाल ने बताया कि पीलिया शरीर में पित्त की मात्रा बढ़ने से हो जाता है। अगर पीलिया के दौरान मरीज को बुखार नहीं हो रहा। तो सतर्क होने की जरूरत है। यह गाल ब्लैडर में कैंसर का संकेत भी हो सकता है। इंटरवेंशन रेडियोलॉजी में इसकी सर्जरी की जाती है।
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सेमिनार में इलेस्ट्रोग्राफी से लिवर फिटनेस की जांच, यूट्रस और ओवरी की अल्ट्रासाउंड जांच समेत कई नवीन तकनीकियों पर जानकारी दी गई। शाम पांच बजे सेमिनार का समापन बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने किया। इस दौरान जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. राजेंद्र ठाकुर समेत 200 से अधिक रेडियोलॉजिस्ट मौजूद रहे।

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डॉ. राजीव अध्यक्ष और डॉ. विक्रांत उपाध्यक्ष बने
गोरखपुर। इंडियन रेडियोलॉजी एंड इमेजिंग एसोसिएशन की प्रदेश इकाई का भी गठन किया गया। शहर के वरिष्ठ रेडियोलॉजिस्ट डॉ. राजीव जायसवाल को प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया। पिछले वर्ष कानपुर में इन्हें प्रेसिडेंट इलेक्ट चुना गया था। इस बार उन्हें कार्यभार ग्रहण कराया गया। डॉ. अर्चना गुप्ता को प्रेसिडेंट इलेक्ट चुना गया। इसके अलावा डॉ. विक्रांत अग्रवाल को उपाध्यक्ष, डॉ. तनुज गर्ग को सेक्रेटरी और डॉ. हरी सिंह को कोषाध्यक्ष चुना गया। डॉ. रोशन झा को प्रदेश कार्यकारिणी का सदस्य चुना गया।
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