बाढ़ का कहर: एनडीआरएफ की और टीमें बुलाई गईं गोरखपुर, 84 लोगों का किया गया रेस्क्यू
एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। दरअसल जिला प्रशासन की सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को 64 लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
गोरखपुर जिले के विभिन्न ग्रामीण इलाकों के अलावा शहरी क्षेत्र में भी बाढ़ के कहर के मद्देनजर एनडीआरएफ की और टीमें बुलाई गईं हैं। नगर निगम क्षेत्र में भी बाढ़ का पानी पहुंच चुका है। एनडीआरएफ की टीमों ने शुक्रवार को करीब 100 लोगों को रेस्क्यू कर बाहर निकाला। गुरुवार को कौड़ीराम ब्लॉक में भरवलिया-बसावनपुर का रिंग बांध टूट गया था। इसकी वजह से अगल-बगल के सभी गांव जलमग्न हो गए। दूसरे दिन भी लोगों में दहशत का माहौल बना रहा।
दूसरे दिन जारी रहा एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान
एनडीआरएफ का रेस्क्यू अभियान शुक्रवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। दरअसल जिला प्रशासन की सूचना पर पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने बृहस्पतिवार को 64 लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन करके सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया था। शुक्रवार को लगातार दूसरे दिन भी निरीक्षक सभाजीत यादव के नेतृत्व में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया और लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। खबर लिखे जाने तक एनडीआरएफ की टीम द्वारा 40 पुरुष, 30 महिलाओं और 14 बच्चों समेत 84 लोगों का रेस्क्यू किया गया।
वाराणसी से रात में पहुंची एनडीआरएफ की दो और टीमें
जिला प्रशासन गोरखपुर की पहल पर 11वीं वाहिनी राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के कमांडेंट मनोज कुमार शर्मा के दिशा-निर्देश पर गोरखपुर में बिगड़े हुए बाढ़ के हालात को देख कर देर रात वाराणसी से दो टीमें गोरखपुर में पहुंची। अपर जिलाधिकारी ने बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा किया। चौरीचौरा तहसील के अंतर्गत फरेन नाले को उफनाने से वहां के कई गांव जलमग्न हो गए हैं।
अपर जिला अधिकारी राजेश कुमार ने नेतृत्व में एनडीआरएफ की टीम ने प्रभावित गांवों नकहा टोला, सोनबरसा टोला, भक्ता, सिलहटा तथा मुंडेरा गांव में जाकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान एनडीआरएफ के उप निरीक्षक मनीष चौबे, नायब तहसीलदार अलका सिंह एवं प्रभावित सभी गांवों के लेखपाल उपस्थित थे।