{"_id":"6a99e51ad592b66f4b0aa101","slug":"monkey-electrocuted-other-monkeys-hinder-treatment-efforts-gorakhpur-news-c-7-gkp1062-1439615-2026-09-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: बिजली की चपेट में आया बंदर, इलाज में बाधा बने दूसरे बंदर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: बिजली की चपेट में आया बंदर, इलाज में बाधा बने दूसरे बंदर
Fri, 04 Sep 2026 02:52 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 04 Sep 2026 02:52 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जगतबेला। जंगल कौड़िया विकासखंड के शेरपुर चमराह गांव में बुधवार को बिजली की चपेट में आने से एक बंदर गंभीर रूप से घायल होकर नीचे गिर गया। सूचना पर बृहस्पतिवार को वन विभाग की टीम डॉक्टर के साथ मौके पर पहुंची लेकिन घायल बंदर के आसपास मौजूद छह अन्य बंदरों के हमलावर होने के कारण उसका उपचार नहीं हो सका।
ग्रामीणों के अनुसार, घायल बंदर आबादी के बीच पड़ा है। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया लेकिन दूसरे बंदरों के घेर लेने के कारण सफलता नहीं मिली। वन विभाग ने बाहर से विशेषज्ञों को बुलाने की बात कही है जिसमें करीब 15 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। ग्रामीण विश्वनाथ पाल, भोला सिंह और कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि घायल बंदर के अलावा अन्य बंदर भी लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। रास्ते से गुजरने वालों को दौड़ाने और काटने का प्रयास करते हैं जिससे गांव में भय का माहौल है।
वन दरोगा राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सूचना पर चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों की मदद से बंदर को पकड़कर इलाज कराने का प्रयास किया गया लेकिन दूसरे बंदरों के हमला करने के कारण उपचार संभव नहीं हो सका।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्रामीणों के अनुसार, घायल बंदर आबादी के बीच पड़ा है। वन विभाग की टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया लेकिन दूसरे बंदरों के घेर लेने के कारण सफलता नहीं मिली। वन विभाग ने बाहर से विशेषज्ञों को बुलाने की बात कही है जिसमें करीब 15 हजार रुपये खर्च होने की जानकारी ग्रामीणों को दी गई। ग्रामीण विश्वनाथ पाल, भोला सिंह और कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि घायल बंदर के अलावा अन्य बंदर भी लोगों के लिए खतरा बने हुए हैं। रास्ते से गुजरने वालों को दौड़ाने और काटने का प्रयास करते हैं जिससे गांव में भय का माहौल है।
विज्ञापन
वन दरोगा राजेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि सूचना पर चिकित्सक के साथ मौके पर पहुंचे थे। ग्रामीणों की मदद से बंदर को पकड़कर इलाज कराने का प्रयास किया गया लेकिन दूसरे बंदरों के हमला करने के कारण उपचार संभव नहीं हो सका।
विज्ञापन