यौन उत्पीड़न प्रकरण: गरमाया विश्वविद्यालय का माहौल, छात्राओं ने गेट बंद कर किया प्रदर्शन
दिशा छात्र संगठन की अंजली ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर उसके खिलाफ केस दर्ज कराने, जांच पड़ताल शीघ्र पूरा कर सख्त कार्रवाई करने, विश्वविद्यालय में ‘कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट’ गठित करने और छात्राओं के लिए अलग हॉल और टॉयलेट्स का उचित प्रबंध करने की मांग की गई।
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गोरखपुर विश्वविद्यालय में छात्रा के शोषण का मामला प्रकाश में आने के बाद बृहस्पतिवार को विश्वविद्यालय का माहौल गरमा गया। दिशा छात्र संगठन और स्त्री मुक्ति लीग के बैनर तले छात्राओं ने मुख्य द्वार बंद कर प्रदर्शन किया। छात्राओं ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव प्रो. शांतनु रस्तोगी को सौंपा।
दिशा छात्र संगठन की अंजली ने कहा कि ज्ञापन के माध्यम से आरोपी शिक्षक को बर्खास्त कर उसके खिलाफ केस दर्ज कराने, जांच पड़ताल शीघ्र पूरा कर सख्त कार्रवाई करने, विश्वविद्यालय में ‘कमेटी अगेंस्ट सेक्सुअल हैरेसमेंट’ गठित करने और छात्राओं के लिए अलग हॉल और टॉयलेट्स का उचित प्रबंध करने की मांग की गई। विरोध प्रदर्शन में अदिती, चंदा, शालिनी, मनीष, सुधा, माया, दीपक, शेफाली, तृप्ति, विद्यानंद आदि शामिल हुए।
एबीवीपी ने भी प्रदर्शन कर सौंपा ज्ञापन
छात्रा के उत्पीड़न के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने भी बृहस्पतिवार को मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद छात्रों ने कुलपति को संबोधित ज्ञापन कुलसचिव और मुख्य नियंता को सौंपा।
एबीवीपी गोरक्ष प्रांत मंत्री मयंक राय ने कहा कि पूर्वांचल में उच्च शिक्षा के सबसे बड़े केंद्र डीडीयू में विगत कई महीने से निरंतर छात्राओं के साथ हो रहे उत्पीड़न की घटनाएं सामने आ रही हैं, इस प्रकार के प्रकरण शैक्षिक संस्थानों में शिक्षा का स्वस्थ वातावरण तैयार करने के लिए अनुकूल नहीं है। एबीवीपी इस घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग करती है।
इस दौरान गोरक्ष प्रांत राज्य विश्वविद्यालय कार्य प्रमुख ऋषभ सिंह, गोरखपुर विश्वविद्यालय इकाई मंत्री चंद्रपाल यादव ने कहा कि शैक्षिक संस्थान जिन्हे विद्या का मंदिर माना जाता है, उसी विद्या के मंदिर में शिक्षक द्वारा छात्रा के साथ शर्मनाक कृत्य किया जाना स्वीकार्य नहीं है। यदि विश्वविद्यालय प्रशासन दोषियों के विरुद्ध उचित कार्यवाही नही करता है तो अभाविप आंदोलन को बाध्य होगी।