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#LadengeCoronaSe: ऑक्सीजन आडिट के लिए ऐप विकसित करेगी एमएमएमयूटी, अस्पतालों को देना होगा पूरा विवरण
Tue, 27 Apr 2021 11:36 AM IST
vivek shukla
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
डिजिटल न्यूज नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 27 Apr 2021 11:36 AM IST
सार
चार सदस्यीय समिति के साथ बैठक कर कुलपति ने तकनीकी पक्षों पर चर्चा की। तय हुआ कि आडिट के लिए एक एप विकसित किया जाएगा।
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- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
शासन के निर्देश के बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय गोरखपुर (एमएमएमयूटी) प्रशासन ने ऑक्सीजन आडिट के लिए तकनीकी तैयारी शुरू कर दी है। तय हुआ कि आडिट के लिए एक ऐप विकसित किया जाएगा। विश्वविद्यालय की ओर से गठित चार सदस्यीय कमेटी के साथ सोमवार को कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बैठक कर आडिट के संबंध में तकनीकी पक्षों पर चर्चा की।
समिति ने यह भी तय किया कि आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ से संपर्क कर मदद ली जाएगी। आडिट के लिए अस्पताल के स्तर पर नियुक्त किए जाने वाले नोडल अधिकारियों से भी एप के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे ताकि इसे उपयोगी व आसानी से इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके।
अस्पतालों से समन्वय स्थापित करने के लिए विवि के चिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया। कुलपति ने समिति को बताया कि फिलहाल इस आडिट में गोरखपुर मंडल के जिलों के अस्पताल ही शामिल होंगे। ऐप पर ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च का विवरण अपलोड करने व अपडेट करने के लिए सभी अस्पतालों को यूजर आइडी और पासवर्ड दिया जाएगा।
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समिति ने यह भी तय किया कि आईआईटी कानपुर और आईआईएम लखनऊ से संपर्क कर मदद ली जाएगी। आडिट के लिए अस्पताल के स्तर पर नियुक्त किए जाने वाले नोडल अधिकारियों से भी एप के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे ताकि इसे उपयोगी व आसानी से इस्तेमाल के लायक बनाया जा सके।
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अस्पतालों से समन्वय स्थापित करने के लिए विवि के चिकित्साधिकारी को नोडल अधिकारी नामित किया गया। कुलपति ने समिति को बताया कि फिलहाल इस आडिट में गोरखपुर मंडल के जिलों के अस्पताल ही शामिल होंगे। ऐप पर ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खर्च का विवरण अपलोड करने व अपडेट करने के लिए सभी अस्पतालों को यूजर आइडी और पासवर्ड दिया जाएगा।
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आडिट के बाद प्रशासन को दे देंगे ऐप
अस्पतालों के डाटा का विश्वविद्यालय के विशेषज्ञ विश्लेषण करेंगे। विश्लेषण के आधार पर ही अस्पतालों में सही समय पर सही मात्रा में ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित की जा सकेगी। इससे ऑक्सीजन के इस्तेमाल में पारदर्शिता आएगी। कोई भी व्यक्ति या संस्थान ऑक्सीजन का दुरुपयोग नहीं कर सकेगा। दो दिनों के अंदर ऐप की आरंभिक रूपरेखा तैयार कर कुछ अस्पतालों का आडिट शुरू करने की योजना है। बैठक में समिति के सदस्य प्रो. पीके सिंह, प्रो. एसपी सिंह, प्रो. गोविंद पांडेय और डॉ. एल विट्ठल गोले शामिल रहे।
कुलपति ने बताया कि ऑक्सीजन की आडिट के बाद ऐप को जिला प्रशासन को इस्तेमाल के लिए सौंप दिया जाएगा। ऐप को कोविड अस्पताल और नॉन कोविड अस्पताल दोनों इस्तेमाल कर सकेंगे।
अस्पतालों को देना होगा पूरा विवरण
एमएमएमयूटी के ऐप पर अस्पतालों को लो फ्लो ऑक्सीजन, हाई फ्लो नॉन इनवेसिव ऑक्सीजन, इनवेसिव मैकेनिकल वेंटिलेशन सहित अन्य सभी तरह के ऑक्सीजन का विवरण देना होगा। ऐसे बेड जिन पर ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनकी संख्या भी देनी होगी। अगले 36 घंटे के लिए अधिकतम संभावित आवश्यकता का विवरण भी ऐप पर दर्ज करना होगा।
कुलपति ने बताया कि ऑक्सीजन की आडिट के बाद ऐप को जिला प्रशासन को इस्तेमाल के लिए सौंप दिया जाएगा। ऐप को कोविड अस्पताल और नॉन कोविड अस्पताल दोनों इस्तेमाल कर सकेंगे।
अस्पतालों को देना होगा पूरा विवरण
एमएमएमयूटी के ऐप पर अस्पतालों को लो फ्लो ऑक्सीजन, हाई फ्लो नॉन इनवेसिव ऑक्सीजन, इनवेसिव मैकेनिकल वेंटिलेशन सहित अन्य सभी तरह के ऑक्सीजन का विवरण देना होगा। ऐसे बेड जिन पर ऑक्सीजन का इस्तेमाल किया जा रहा है, उनकी संख्या भी देनी होगी। अगले 36 घंटे के लिए अधिकतम संभावित आवश्यकता का विवरण भी ऐप पर दर्ज करना होगा।