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एक बार फिर चर्चा में आए विधायक अमन मणि त्रिपाठी, लगा धमकी देने का आरोप
Wed, 14 Oct 2020 10:01 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 14 Oct 2020 10:01 PM IST
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विधायक अमन मणि त्रिपाठी। फाइल
- फोटो : अमर उजाला।
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उत्तर प्रदेश के महराजगंज के विघायक एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं। दरअसल, सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) फौजदारी रमेश चंद्र पांडेय को फोन पर नौतनवां के विधायक अमन मणि त्रिपाठी के नाम से धमकी मिली है।
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आरोप है कि फोन करने वाले ने खुद को विधायक अमन मणि बताया और लखनऊ में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे में समझौता कराने का दबाव बनाया। मामले में समझौता न कराने पर एडीजीसी को पद से हटवाने व जान से मारने की धमकी दी गई।
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बुधवार की शाम फोन आने के बाद एडीजीसी ने कैंट थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, कैंट पुलिस को दी तहरीर में गोरखनाथ इलाके के निवासी एडीजीसी रमेश चंद्र ने बताया कि बुधवार की दोपहर में दो बजे मोबाइल नंबर 7081070001 से उनके मोबाइल फोन पर कॉल आया।
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मामले की जांच में जुटी पुलिस
फोन करने वाले ने कहा-वह नौतनवां विधायक अमन मणि त्रिपाठी बोल रहे हैं। आपके पड़ोस में रहने वाले ठेकेदार ऋषि पांडेय ने मेरे खिलाफ लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में रंगदारी व अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया है, उसमें समझौता करा दीजिए।
एडीजीसी का आरोप है कि उन्होंने कोशिश करने की बात कहते हुए फोन काट दिया। उसके बाद उनके पास दो बार और कॉल आया। कॉल रिसीव करने पर अमन मणि समझौता कराने का दबाव बनाने लगे। बात न मानने पर विधि मंत्री से कहकर एडीजीसी के पद से हटवाने की भी धमकी दी। विरोध करने पर गाली देते हुए घर आकर जान से मारने की धमकी दी।
एसएसआई कैंट प्रबिंदर राय ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस नंबर से फोन आया है, वह विधायक का नहीं है। सर्विलांस की मदद से फोन करने वाले के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस संबंध में विधायक अमन मणि त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। उनका पक्ष जब भी आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।
एडीजीसी का आरोप है कि उन्होंने कोशिश करने की बात कहते हुए फोन काट दिया। उसके बाद उनके पास दो बार और कॉल आया। कॉल रिसीव करने पर अमन मणि समझौता कराने का दबाव बनाने लगे। बात न मानने पर विधि मंत्री से कहकर एडीजीसी के पद से हटवाने की भी धमकी दी। विरोध करने पर गाली देते हुए घर आकर जान से मारने की धमकी दी।
एसएसआई कैंट प्रबिंदर राय ने बताया कि तहरीर मिली है। मामले की जांच की जा रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जिस नंबर से फोन आया है, वह विधायक का नहीं है। सर्विलांस की मदद से फोन करने वाले के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
इस संबंध में विधायक अमन मणि त्रिपाठी से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनका फोन नहीं उठा। उनका पक्ष जब भी आएगा, उसे प्रकाशित किया जाएगा।