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Gorakhpur News: नंदानगर बस स्टैंड और एकला बांध पर लगेगा मियावाकी वन
Sun, 08 Oct 2023 01:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Sun, 08 Oct 2023 01:44 AM IST
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- नगर आयुक्त ने बनाई योजना, डीएफओ संग किया निरीक्षण
- एकला बांध पर कूड़ा करकट का होगा निस्तारण, इसके बाद लगाए जाएंगे पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के एकला बंधे पर कूड़े की जगह पौधों की हरियाली दिखेगी। नगर निगम की ओर से खाली जमीनों पर पौधे लगाकर बांध को हरा-भरा किया जाएगा। नंदानगर में बने बस स्टैंड परिसर में पौधरोपण होगा। दोनों जगहों पर जापानी तकनीक के मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम और वन विभाग की ओर से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह में इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा।
शहर के भीतर बसों का जाम रोकने के लिए नंदानगर में एयरपोर्ट के सामने नगर निगम की तरफ से बस स्टैंड बनाया गया है। यहां लोगों के आने-जाने से भीड़ बढ़ी है। इस परिसर में पेड़ों की छाया का अभाव है। इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से पौधरोपण का फैसला लिया गया है। शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल और डीएफओ विकास यादव ने बस स्टैंड का जायजा लिया। इस परिसर में कैसे वन विकसित किया जा सकता है, इसकी जानकारी ली।
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एकला बंधे पर लीगसी वेस्ट की जगह नजर आएंगे पेड़ पौधे
शहर के भीतर साफ सफाई होने के बाद राप्ती नदी के किनारे एकला बंधे पर कूड़ा फेंका जाता है। यहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है। पुराना कूड़ा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होता है। इसमें पॉलीथिन, रबर, कांच, मिट्टी, कपड़े, कंक्रीट सहित अन्य तरह के टुकड़े मिले होते हैं। यहां पर लीगसी वेस्ट को हटाया जाएगा। यहां की मिट्टी उठाकर बस स्टैंड पर भी ले जाया जाएगा। जगह खाली होने के बाद मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम और वनविभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके लिए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया है।
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यह है मियावाकी पद्धति, ऐसे विकसित होगा वन
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी पद्धति में प्रति वर्ग मीटर में तीन से पांच पौधे रोपे जाते हैं। इसमें लगाए जाने वाले पौधों की उंचाई 60 से 80 सेमी होती है। इसमें करीब 40 फीसदी पौधे स्थानीय प्रजाति के रोपे जाते हैं। इसमें लगने वाले पौधे जल्दी तैयार हो जाते हैं।
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मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास यादव, डीएफओ
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- एकला बांध पर कूड़ा करकट का होगा निस्तारण, इसके बाद लगाए जाएंगे पौधे
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर के एकला बंधे पर कूड़े की जगह पौधों की हरियाली दिखेगी। नगर निगम की ओर से खाली जमीनों पर पौधे लगाकर बांध को हरा-भरा किया जाएगा। नंदानगर में बने बस स्टैंड परिसर में पौधरोपण होगा। दोनों जगहों पर जापानी तकनीक के मियावाकी पद्धति से पौधे लगाए जाएंगे। इसके लिए नगर निगम और वन विभाग की ओर से कार्ययोजना तैयार की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि एक सप्ताह में इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा।
शहर के भीतर बसों का जाम रोकने के लिए नंदानगर में एयरपोर्ट के सामने नगर निगम की तरफ से बस स्टैंड बनाया गया है। यहां लोगों के आने-जाने से भीड़ बढ़ी है। इस परिसर में पेड़ों की छाया का अभाव है। इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से पौधरोपण का फैसला लिया गया है। शुक्रवार को नगर आयुक्त गौरव सिंह सोंगरवाल और डीएफओ विकास यादव ने बस स्टैंड का जायजा लिया। इस परिसर में कैसे वन विकसित किया जा सकता है, इसकी जानकारी ली।
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एकला बंधे पर लीगसी वेस्ट की जगह नजर आएंगे पेड़ पौधे
शहर के भीतर साफ सफाई होने के बाद राप्ती नदी के किनारे एकला बंधे पर कूड़ा फेंका जाता है। यहां कूड़े का पहाड़ खड़ा हो चुका है। पुराना कूड़ा पर्यावरण के लिए नुकसानदायक होता है। इसमें पॉलीथिन, रबर, कांच, मिट्टी, कपड़े, कंक्रीट सहित अन्य तरह के टुकड़े मिले होते हैं। यहां पर लीगसी वेस्ट को हटाया जाएगा। यहां की मिट्टी उठाकर बस स्टैंड पर भी ले जाया जाएगा। जगह खाली होने के बाद मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा। इस संबंध में नगर निगम और वनविभाग के अधिकारी कार्ययोजना तैयार करेंगे। इसके लिए अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जायजा लिया है।
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यह है मियावाकी पद्धति, ऐसे विकसित होगा वन
वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि मियावाकी पद्धति में प्रति वर्ग मीटर में तीन से पांच पौधे रोपे जाते हैं। इसमें लगाए जाने वाले पौधों की उंचाई 60 से 80 सेमी होती है। इसमें करीब 40 फीसदी पौधे स्थानीय प्रजाति के रोपे जाते हैं। इसमें लगने वाले पौधे जल्दी तैयार हो जाते हैं।
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मियावाकी पद्धति से पौधरोपण किया जाएगा। इसकी कार्ययोजना तैयार की जा रही है। एक सप्ताह में प्रस्ताव तैयार कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
विकास यादव, डीएफओ
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