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बैंक पर नजर: लावारिस रकम पर कई बार हाथ साफ कर चुके हैं शातिर, कई थानों में दर्ज हो चुके हैं केस
Mon, 25 Sep 2023 12:38 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 25 Sep 2023 12:38 PM IST
सार
बैंक कर्मचारियों के पास सभी ग्राहकों की जानकारी होती है। इसलिए बैंक से फर्जीवाड़ा करना आसान होता है। ऐसे में बैंकों से जुड़े लोग भी गड़बड़ी कर सकते हैं। जिले में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बैंकों में लोगों की जमा रकम की हेराफेरी और गड़बड़ी के मामले अक्सर सामने आते हैं। बैंकों में जालसाजी करके रुपये हड़पने, गलत तरीके से लोन देने, जबरन क्रेडिट कार्ड देकर जालसाजी करने के कई मामलों में पुलिस केस दर्ज कर चुकी है। ऐसे में बैंकों के भीतर लावारिस रकम में भी गड़बड़ी होने की आशंका जताई जा रही है। यानि लावारिस रकम पर भी शातिरों की नजर है। ऐसे में बैंक के उपभोक्ताओं और अपने बुजुर्गों के खातों से जुड़े वारिसों को होशियार रहने की जरूरत है।
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पुलिस के अनुसार, बैंक कर्मचारियों के पास सभी ग्राहकों की जानकारी होती है। इसलिए बैंक से फर्जीवाड़ा करना आसान होता है। ऐसे में बैंकों से जुड़े लोग भी गड़बड़ी कर सकते हैं। जिले में ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। ऐसे प्रकरणों में केस दर्ज करके पुलिस जांच में जुटी है।
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पूर्व में हुई घटनाएं
- 01 सितंबर 2023: शाहपुर के पादरी बाजार के मानस विहार कॉलोनी निवासी अर्जुन कुमार ने बैंक कर्मचारियों पर केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि जबरन क्रेडिट कार्ड दिया गया। बैंक जाने पर इसके लॉक होने की जानकारी दी गई। फोन आने पर खाते से रुपये भी खर्च हो गए।
- 08 जनवरी 2020: कैंट थाने में बैंक ऑफ महाराष्ट्र के कर्मचारियों के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। महराजगंज, शिकारगढ़ के बांधा गांव निवासी सीमेंट व्यापारी सुधाकर राय ने पुलिस को तहरीर दी। बताया कि उन्होंने मई 2019 में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की जटेपुर शाखा से 25 लाख रुपये ऋण लिए थे। बैंक अधिकारियों ने ऋण स्वीकृत होने के बाद धरोहर के रूप में हस्ताक्षर कराकर उनसे चार सादे चेक लिए थे। उनमें से तीन चेक का इस्तेमाल कर 30 व 31 मई 2019 को उनके खाते से 16 लाख रुपये निकाल लिए गए।
- 18 अप्रैल 2023: शाहपुर इलाके के हरिद्वारपुरम फेज-2 कॉलोनी निवासी रंजू सोनी के तीन खातों से एक लाख 99 हजार 899 रुपये गायब हो गए। आरोप है कि बिना ओटीपी, यूपीआई के ही खाते से जालसाजों ने रकम उड़ा दी। पुलिस ने यूनियन बैंक, पंजाब नेशनल बैंक और भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक के खिलाफ जालसाजी का केस दर्ज किया था।
- 25 जून 2021: कैंट थाने में व्यापारी कमल रुंगटा ने केस दर्ज कराया। आरोप लगाया कि उनकी पत्नी कला देवी और बहू स्वाती रुंगटा का बेतियाहाता स्थित एक्सिस बैंक में खाता है। दोनों ने संयुक्त लाकर लिया है। लॉकर से 30 लाख रुपये कीमत के गहने गायब हुए थे। जिसमें सोने के दो हार, चार टप्स, एक अंगूठी, दो सोने की चूड़ी, हीरे का एक हार व दो टप्स, सोने के 14 सिक्के थे।
- 18 जुलाई 2022: बड़हलगंज इलाके के एक शख्स की जमीन पर गलत तरीके से ऋण देने के मामले में आरोपी यूको बैंक के पूर्व प्रबंधक अब्दुल मलिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवाया था। वह राजघाट के रहमत नगर का निवासी है। आरोप था कि 2004 में मदरिया शाखा प्रबंधक रहने के दौरान उसने जालसाजी की थी।