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Gorakhpur News: बारिश हुई नहीं... आम का आकार बढ़ा न आया रंग
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फोटो-
-लोकल आम में रंग और स्वाद के लिए बारिश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भीषण गर्मी में इस बार बारिश न होने के कारण आम की फसल में देरी हो सकती है। इसके साथ लोकल दशहरी व अन्य प्रजाति के आम का न आकार बढ़ा है और न ही रंग आया। व्यापारियों की चिंता है कि इस बार जून के पहले सप्ताह तक मंडी में पीले रंग और अच्छे स्वाद वाला आम आने की संभावना नहीं है, जबकि बीते सालों में जून के पहले सप्ताह लोकल आम तैयार हो जाते थे।
बागवानी में इस बार आम के फल ज्यादा लगे हैं, लेकिन इस बार आकार कम बढ़ा है। फिलहाल मंडी में ओडिशा के दशहरी आम बिक रहे हैं। आंध्र प्रदेश के बादामी आम का स्वाद मिल रहा है। मंडी के व्यापारी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि लोकल आम में न रंग आ रहा है, और न ही आकार बढ़ रहा है। यदि बारिश में देरी हुई तो व्यापारियों को नुकसान होगा।
मंडी के व्यापारी प्रदीप सोनकर ने बताया कि ओडिशा से आ रहे दशहरी आम थोक मंडी में 90 से 100 रुपये किलो बिक रहे हैं। यह स्वाद में भी अच्छा है, लेकिन मांग कम है। 55-60 रुपये किला बादामी आम से ही मंडी चल रही है। फल मंडी के व्यापारी विजय सोनकर ने कहा कि आम में प्रकृति की मार हो गई है। दस दिन और बारिश नहीं हुई तो नुकसान हो जाएगा।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर ने बताया कि जब आम पकने की स्थिति में होता है। उस समय बारिश हो जाती है, तो आकार और स्वाद अच्छा हो जाता है। बारिश हो गई तो इस सीजन में आम की फसल अच्छी हो जाएगी।
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-लोकल आम में रंग और स्वाद के लिए बारिश का इंतजार
संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। भीषण गर्मी में इस बार बारिश न होने के कारण आम की फसल में देरी हो सकती है। इसके साथ लोकल दशहरी व अन्य प्रजाति के आम का न आकार बढ़ा है और न ही रंग आया। व्यापारियों की चिंता है कि इस बार जून के पहले सप्ताह तक मंडी में पीले रंग और अच्छे स्वाद वाला आम आने की संभावना नहीं है, जबकि बीते सालों में जून के पहले सप्ताह लोकल आम तैयार हो जाते थे।
बागवानी में इस बार आम के फल ज्यादा लगे हैं, लेकिन इस बार आकार कम बढ़ा है। फिलहाल मंडी में ओडिशा के दशहरी आम बिक रहे हैं। आंध्र प्रदेश के बादामी आम का स्वाद मिल रहा है। मंडी के व्यापारी शैलेंद्र पांडेय ने बताया कि लोकल आम में न रंग आ रहा है, और न ही आकार बढ़ रहा है। यदि बारिश में देरी हुई तो व्यापारियों को नुकसान होगा।
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मंडी के व्यापारी प्रदीप सोनकर ने बताया कि ओडिशा से आ रहे दशहरी आम थोक मंडी में 90 से 100 रुपये किलो बिक रहे हैं। यह स्वाद में भी अच्छा है, लेकिन मांग कम है। 55-60 रुपये किला बादामी आम से ही मंडी चल रही है। फल मंडी के व्यापारी विजय सोनकर ने कहा कि आम में प्रकृति की मार हो गई है। दस दिन और बारिश नहीं हुई तो नुकसान हो जाएगा।
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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसके तोमर ने बताया कि जब आम पकने की स्थिति में होता है। उस समय बारिश हो जाती है, तो आकार और स्वाद अच्छा हो जाता है। बारिश हो गई तो इस सीजन में आम की फसल अच्छी हो जाएगी।