फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   medicine Samples failed in district hospital distributed among patients in gorakhpur

गोरखपुर: सवास्थ्य विभाग की ऐसी लापरवाही नहीं देखी होगी, बांट दी फेल नमूने वाली दवा

Sat, 22 Feb 2020 10:35 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर
डिजिटल न्यूज डेस्क, गोरखपुर Published by: vivek shukla Updated Sat, 22 Feb 2020 10:35 AM IST
सार

  • दो दवाओं के नमूने जांच में सही नहीं पाए गए थे
  • शासन से जानकारी मिलने के बाद वापस मंगाई गईं दवाएं

विज्ञापन
medicine Samples failed in district hospital distributed among patients in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

जिला अस्पताल में फेल हुए नूमने की दो दवाएं मरीजों में बांट दी गई हैं। इन दवाओं में प्रेडनीस्लोन और आई ड्रॉप कॉरबॉक्सीमेथाइल शामिल है। इन दवाओं की खेप जिला अस्पताल में ड्रग कॉरपोरेशन की ओर से भेजी गई थी। विशेषज्ञों का कहना है कि जांच में फेल निकली दवाएं बिल्कुल असर नहीं करेंगी। उल्टे शरीर की प्रतिरोधक क्षमता कम हो सकती है। हालांकि मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर ये दवाएं बांटने पर रोक लगा दी गई है। साथ ही दवाओं को वापस मंगा लिया है।  
विज्ञापन


दवा कंपनियों और ड्रग कॉरपोरेशन का गठजोड़ मरीजों की सेहत पर बुरा असर डाल रहा है। आई ड्रॉप और एलर्जी की दवाओं के नमूने फेल हो जा रहे हैं। उसके बाद भी इन दवाओं को मरीजों के बीच बांट दिया जा रहा है। बताया जाता है कि प्रेडनीस्लोन दवा का नमूना उन्नाव के एक अस्पताल से लिया गया था। लखनऊ स्थित एफएसडीए लैब की रिपोर्ट में नमूना फेल पाया गया। उसी आधार पर दवा के बांटने पर रोक लगाने का आदेश यूपीएमएससीएल ने दिया। उसके बाद आई ड्रॉप कॉरबॉक्सीमेथाइल का भी नमूना फेल पाया गया।
विज्ञापन

जुगाड़ के बल पर तैयार होती है मनमाफिक रिपोर्ट

इस पर तत्काल रोक लगाते हुए दवाओं को वापस भेजने का निर्देश शासन की ओर से दिया गया। हालांकि  इस आदेश से पहले ही जिला अस्पताल में हजारों लोगों को दवाएं बांट दी गईं। ऐसे में अब विभागीय लोगों को यह डर सता रहा हैं कि अगर कही दवाओं का रिएक्शन हुआ तो मामला पेचीदा हो सकता है। एसआईसी डॉ. एके सिंह ने बताया कि मामले की जानकारी जैसे ही मिली वैसे ही दवाओं के वितरण पर रोक लगा दी गईं है। साथ ही दवाओं को वापस भेज दिया गया है।  

ड्रग कॉरपोरेशन और दवा कंपनियां जुगाड़ के बल पर मनमाफिक रिपोर्ट तैयार करती है। जानकारों का कहना है कि यही कारण है कि बिना जांच के ही दवाओं की खेप अस्पतालों में पहुंच जा रही है और उनका वितरण भी शुरू हो जा रहा है। बाद में जब दवाओं की जांच हो रही है तो मामले पकड़ में आ रहे हैं।

मंडल के सभी जिला अस्पतालों में भेजी गईं हैं दवाएं
मंडल के सभी अस्पतालों में इन दवाओं का वितरण किया गया है। इनमें देवरिया, कुशीनगर, गोरखपुर सहित बस्ती मंडल के बस्ती, संतकबीरनगर और सिद्धार्थनगर शामिल हैं। इन जिलों में दवाओं की खेप भेजी जा चुकी है, क्योंकि प्रेडनीस्लोन एलर्जी की दवा है। यह ज्यादातर डॉक्टर लिखते भी हैं। इसके अलावा आई ड्रॉप का वितरण सभी अस्पतालों में ठीक-ठाक है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed