फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Measures to get rid of traffic jam are necessary but only new schools should be opened outside the city.

Gorakhpur News: जाम से निजात के उपाय जरूरी पर शहर के बाहर नए स्कूल ही खुलें

Sun, 18 Feb 2024 03:22 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 18 Feb 2024 03:22 AM IST
विज्ञापन
Measures to get rid of traffic jam are necessary but only new schools should be opened outside the city.
स्कूल संचालकों की राय: शहर में संचालित स्कूलों को बाहर करना आसान नहीं, अभिभावकों को होगी परेशानी
विज्ञापन



संवाद न्यूज एजेंसी
गोरखपुर। शहर में जाम की बड़ी वजह स्कूल भी हैं। स्कूल बसों की वजह से शहर में गोलघर समेत कई इलाकों में जाम लग जाता है। इससे विद्यार्थी और अभिभावक तो परेशान होते ही हैं, आम लोगों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में अगर कक्षा पांच से ऊपर के स्कूल शहर से बाहर हो जाएं तो जाम पर काफी हद तक प्रभावी अंकुश लग सकता है। स्कूल संचालक भी जाम से निजात के उपायों को लेकर गंभीर हैं, लेकिन उनका कहना है कि ऐसा करने में अभिभावकों और उनकी दिक्कतों को भी प्रशासन को समझना चाहिए।
स्कूल संचालकों का कहना है कि शहर के बाहर स्कूलों की नई शाखाएं तो खुल सकती हैं, लेकिन पहले से संचालित हो रहे स्कूलों को शिफ्ट करना आसान नहीं है। उनका कहना है कि खोराबार टाउनशिप में स्कूल खुलने से आसपास के इलाकों के लोगों को तो सहूलियत होगी, लेकिन शहर से पूरी तरह बाहर शिफ्ट होने से अभिभावकों को दिक्कत होगी।
विज्ञापन

उनकी राय है कि जो स्कूल संचालक सक्षम हैं, उन्हें अपनी शाखा शहर के बाहर खोलने में कोई दिक्कत नहीं होगी। उनका यह भी कहना है कि अब जो नए स्कूल खुलें, वे शहर से बाहर ही हों, इससे जाम से निपटने में आसानी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

कुछ स्कूलों ने अपनी शाखाएं शहर के बाहर खाेलनी शुरू भी कर दी है। सिविल लाइंस स्थित सेंट जोसेफ स्कूल में कक्षा एक से पांच तक की पढ़ाई हो रही है। इससे ऊपर की कक्षाओं के लिए शहर से बाहर खोराबार इलाके में शाखा खोली गई है।



बोले स्कूल संचालक

शहर का विस्तार तेजी से हो रहा है। शहर के विस्तार के साथ ही स्कूल भी शहर के बाहर खुलने चाहिए, इससे वहां के बच्चों को शहर में नहीं आना पड़ेगा। दूर के बच्चों को शहर में न आना पड़े, इसके लिए आरपीएम समूह शहर के बाहर स्कूल खोल रहा है। स्कूल के आसपास के क्षेत्रों के बच्चों का पढ़ाई के लिए शहर से बाहर जाने में दिक्कत होगी।
-अजय शाही, चेयरमैन, आरपीएम समूह

शिक्षा के विस्तार की दृष्टि से यह बेहतर पहल है। इससे लोगों को जाम की समस्या से निजात भी मिलेगी। जो संचालक सक्षम हैं, वे अपनी ब्रांच शहर के बाहर आसानी से खोल सकते हैं। शहर के अभिभावक बच्चों को दूर पढ़ाना नहीं चाहेंगे। अभिभावकों को शहर के भीतर स्कूल चाहिए, सुविधाएं चाहिए।
-उषा बरतिया, प्रधानाचार्य, पिलर्स स्कूल

शहर के विस्तार के साथ ही स्कूलों का भी विस्तार होना चाहिए। लेकिन, पांचवीं से ऊपर के बच्चों को शहर से बाहर भेजना सुविधाजनक नहीं होगा। खासतौर पर बालिकाओं के अभिभावक अपने बच्चों को शहर से बाहर भेजना नहीं चाहेंगे। स्कूलों की जो क्षमता है, उसके अनुसार विद्यालय में प्रवेश लेंगे।

-रीमा श्रीवास्तव, प्रधानाचार्य, स्प्रिंगर लोरेटो

सभी विद्यालयों को शहर के बाहर शिफ्ट करना आसान नहीं है। जो स्कूल नई शाखा खोलने का मन बना रहे हैं, वे बड़े बच्चों के लिए खोल सकते हैं। लेकिन इसके लिए प्रशासन को पहल करनी होगी। यह भी ख्याल रखना होगा कि अभिभावकों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।
-डॉ. राजेश सिंह, प्रधानाचार्य, सरस्वती शिशु मंदिर
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed