गोरखपुर के हजारों विद्यार्थियों को मिलेगा खाद्यान्न और रकम, शासन ने किया ये खास फैसला
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सरकारी, अनुदानित प्राथमिक, जूनियर और माध्यमिक विद्यालयों के लाखों विद्यार्थियों को 76 दिन के एमडीएम का खाद्यान्न और परिवर्तन लागत देने के एलान के बाद से सरकार ने इसका दायरा बढ़ा दिया है।
दूसरे चरण में जुलाई और अगस्त के 49 दिनों के खाद्यान्न का वितरण जहां कोटेदार के माध्यम से बच्चों को फिर से कराया जाएगा। वहीं परिवर्तन लागत बच्चों के अभिभावकों के बैंक खाते में प्रेषित की जाएगी। जिले के 3222 विद्यालयों में पढ़ने वाले 360702 विद्यार्थियों को सुविधा का लाभ मिलेगा। स्कूल शिक्षा महानिदेशक का आदेश गोरखपुर के बेसिक शिक्षा कार्यालय में पहुंच गया है।
आदेश के मुताबिक, जुलाई और अगस्त के कार्यदिवस को ही योजना से आच्छादित करने का फैसला लिया गया है। इसके तहत प्राथमिक विद्यालय के हर छात्र को 4 किलो 900 ग्राम खाद्यान्न और 243.50 रुपये तो उच्च प्राथमिक विद्यालय के छात्र को सात किलो 350 ग्राम खाद्यान्न और परिवर्तन लागत के रूप में 365 रुपये अभिभावक के बैंक खाते में भेजे जाएंगे।
लॉकडाउन की वजह से मार्च से विद्यालय बंद चल रहे हैं। ऐसे में बच्चों को कुपोषण का शिकार होने से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने अनूठी पहल करते हुए पहले चरण में 24 मार्च से लेकर 30 जून यानी 76 दिन के एमडीएम का खाद्यान्न और परिवर्तन लागत को बच्चों को मुहैया कराने का फैसला लिया था। जिले में खाद्यान्न वितरण का काम प्रधानाध्यापकों ने कोटेदारों के साथ मिलकर पूरा कर लिया है। वहीं परिवर्तन लागत के रूप में धनराशि अभिभावकों के खातों में प्रेषित की जा रही है।
बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि शासन ने जुलाई और अगस्त में भी मिड डे मील के खाद्यान्न और परिवर्तन लागत को बच्चों को मुहैया कराने का फैसला लिया है। प्राथमिकता के आधार पर पहले 76 दिन की धनराशि को खातों में प्रेषित किया जाएगा। उसके बाद ही दूसरे चरण के 49 दिनों के खाद्यान्न वितरण और परिवर्तन लागत के हस्तांतरण पर फोकस किया जाएगा।