{"_id":"5fd66f218ebc3e3b65736409","slug":"mbbs-studies-from-next-semester-at-siddharthnagar-deoria-medical-college-gorakhpur-city-news-gkp3767486155","type":"story","status":"publish","title_hn":"सिद्धार्थनगर, देवरिया मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सिद्धार्थनगर, देवरिया मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिद्धार्थनगर, देवरिया मेडिकल कॉलेज में अगले सत्र से एमबीबीएस की पढ़ाई
गोरखपुर। सिद्धार्थनगर और देवरिया में बन रहे मेडिकल कॉलेजों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओर से दोनों ही कॉलेजों में शिक्षक-चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा गया है। इस पर कमीशन ने सहमति भी जताई है। नए सत्र से दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर सिद्धार्थनगर और देवरिया में जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया गया है। दोनों ही स्थानों पर बिल्डिंग निर्माण का काम चल रहा है। कोरोना महामारी के बीच काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब तेजी लाई गई है। अब तक 40 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दोनों ही कॉलेजों में आगामी सत्र से पढ़ाई शुरू कराने के लिए निर्देश दे दिए हैं।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सिद्धार्थनगर और देवरिया में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नोडल बनाया गया है। यही वजह है कि दोनों स्थानों के शिक्षकों और मेडिकल स्टॉफ का प्रस्ताव बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भेजा है। दोनों जिलों में मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद बीआरडी में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आएगी। उन्हें उनके जिले में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बस्ती में पहले से ही मेडिकल कॉलेज है। देवरिया व सिद्धार्थ नगर में भी खुल जाने से नेपाल, बिहार के मरीज इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा बलरामपुर और श्रावस्ती के मरीजों के लिए भी सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज आने-जाने में आसानी हो जाएगी।
विज्ञापन
दोनों कॉलेजों में 100-100 सीटें होंगी
दोनों नए मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की 100-100 सीटों का प्रस्ताव भेजा गया है। अगले सत्र से दोनों कॉलेजों में 100-100 छात्र पढ़ाई भी शुरू कर देंगे। दोनों स्थानों पर इलाज पहले से ही शुरू है। चिकित्सक और शिक्षक मिल जाने के बाद से व्यवस्था में और परिवर्तन हो जाएगा।
यह होगी कॉलेजों में संख्या
51 शिक्षक-चिकित्सक
24 सीनियर रेजीडेंट
50 जूनियर रेजीडेंट
218 नर्स
300 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (आउट सोर्सिंग से)
---- (दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में यही संख्या रहेगी)
सिद्धार्थनगर और देवरिया मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में हैं। यही वजह है कि दोनों जगहों पर तेजी से काम हो रहे हैं। शिक्षक, कर्मचारी और चिकित्सकों के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। आगामी सत्र से दोनों जगहों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज
विज्ञापन
गोरखपुर। सिद्धार्थनगर और देवरिया में बन रहे मेडिकल कॉलेजों में अगले सत्र से पढ़ाई शुरू होगी। बीआरडी मेडिकल कॉलेज की ओर से दोनों ही कॉलेजों में शिक्षक-चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती का प्रस्ताव नेशनल मेडिकल कमीशन को भेजा गया है। इस पर कमीशन ने सहमति भी जताई है। नए सत्र से दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू करा दी जाएगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर सिद्धार्थनगर और देवरिया में जिला अस्पताल को मेडिकल कॉलेज में तब्दील किया गया है। दोनों ही स्थानों पर बिल्डिंग निर्माण का काम चल रहा है। कोरोना महामारी के बीच काम प्रभावित हुआ था, लेकिन अब तेजी लाई गई है। अब तक 40 प्रतिशत से अधिक काम हो चुका है। मुख्यमंत्री ने दोनों ही कॉलेजों में आगामी सत्र से पढ़ाई शुरू कराने के लिए निर्देश दे दिए हैं।
विज्ञापन
बीआरडी मेडिकल कॉलेज को सिद्धार्थनगर और देवरिया में बन रहे मेडिकल कॉलेज का नोडल बनाया गया है। यही वजह है कि दोनों स्थानों के शिक्षकों और मेडिकल स्टॉफ का प्रस्ताव बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य ने भेजा है। दोनों जिलों में मेडिकल कॉलेज बन जाने के बाद बीआरडी में आने वाले मरीजों की संख्या में कमी आएगी। उन्हें उनके जिले में बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकेगी। बस्ती में पहले से ही मेडिकल कॉलेज है। देवरिया व सिद्धार्थ नगर में भी खुल जाने से नेपाल, बिहार के मरीज इन दोनों मेडिकल कॉलेजों में पहुंच सकेंगे। इसके अलावा बलरामपुर और श्रावस्ती के मरीजों के लिए भी सिद्धार्थनगर मेडिकल कॉलेज आने-जाने में आसानी हो जाएगी।
विज्ञापन
दोनों कॉलेजों में 100-100 सीटें होंगी
दोनों नए मेडिकल कालेजों में एमबीबीएस की 100-100 सीटों का प्रस्ताव भेजा गया है। अगले सत्र से दोनों कॉलेजों में 100-100 छात्र पढ़ाई भी शुरू कर देंगे। दोनों स्थानों पर इलाज पहले से ही शुरू है। चिकित्सक और शिक्षक मिल जाने के बाद से व्यवस्था में और परिवर्तन हो जाएगा।
यह होगी कॉलेजों में संख्या
51 शिक्षक-चिकित्सक
24 सीनियर रेजीडेंट
50 जूनियर रेजीडेंट
218 नर्स
300 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी (आउट सोर्सिंग से)
---- (दोनों ही मेडिकल कॉलेजों में यही संख्या रहेगी)
सिद्धार्थनगर और देवरिया मेडिकल कॉलेज मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में हैं। यही वजह है कि दोनों जगहों पर तेजी से काम हो रहे हैं। शिक्षक, कर्मचारी और चिकित्सकों के लिए प्रस्ताव भेज दिया गया है। आगामी सत्र से दोनों जगहों पर एमबीबीएस की पढ़ाई शुरू कर दी जाएगी।
- डॉ. गणेश कुमार, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज