जाम से निजात को अब मास्टर प्लान: गोरखपुर शहर में अब निजी बस-ऑटो, ई-रिक्शा की धींगामुश्ती बंद
एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सुरक्षा की लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र मुहिम को शुरू किया गया, जिसका असर है कि गोरखपुर ही नहीं आसपास के जिले भी सीसीटीवी कैमरे की जद में हैं। जाम शहर की बड़ी समस्या है।
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अब शहर में अब निजी बसों, ऑटो और ईरिक्शा की धींगा मुश्ती एकदम बंद हो जाएगी। एक अक्तूबर से निजी बसें शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में प्रवेश नहीं कर पाएंगी। कुशीनगर, देवरिया व बिहार रूट पर जाने वाली प्राइवेट बसों के लिए नंदानगर टीवी अस्पताल और महराजगंज रूट की बसों के लिए मेडिकल कॉलेज के पास पार्किंग स्थल बनाया जाएगा। वहीं से बसें संचालित होंगी। शहर से पार्किंग स्थल तक जाने के लिए ई-रिक्शा व ऑटो चलेंगे, इनका किराया भी निर्धारित किया जाएगा।
इसके अलावा रेलवे बस स्टेशन पर बसें सड़क पर खड़ी नहीं होंगी। परिसर में जमीन समतल कराकर वहीं खड़ी की जाएंगी। इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। शहर में जाम की समस्या से जूझ रहे लोगों को राहत दिलाने के लिए एडीजी अखिल कुमार ने पहल की है।
कमिश्नर अनिल ढींगरा के साथ बृहस्पतिवार की दोपहर एडीजी ने यूनिवर्सिटी चौक, रोडवेज बस डिपो का निरीक्षण करने के बाद मास्टर प्लान तैयार किया है। दोनों अफसरों ने तय किया कि एक अक्तूबर से प्राइवेट बसों को शहर के बाहर से चलाया जाएगा। इसके लिए उन्होंने तय जगह पर जाकर निरीक्षण भी किया और जरूरी निर्देश दिए।
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अफसरों ने नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि रेलवे बस स्टेशन परिसर में जमीन को समतल कराएं। जो पुराने अनावश्यक निर्माण हैं, उसे ध्वस्त करा दें। दोनों जगहों पर शौचालय, पानी की व्यवस्था करा दें। एडीजी ने पुलिस को परिसर में सीसीटीवी कैमरा लगवाने के भी निर्देश दिए ताकि बसों की नियमित निगरानी हो सके।
ये लिए गए फैसले, एक अक्तूबर से पहले पूरा करना होगा
- ई-रिक्शा व ऑटो के लिए जगह का निर्धारण भी करना होगा।
- कुलसचिव आवास के पास की पार्किंग को दुरुस्त कर वहां से जिले के आसपास की बसों का होगा संचालन।
- नगर निगम को जमीन समतल करने, शौचालय व पानी की व्यवस्था करनी होगी।
- रोडवेज की बसें परिसर के अंदर खड़ी होंगी, पुलिस लगाएगी सीसीटीवी कैमरा।
- नंदानगर के पास से देवरिया, कुशीनगर व बिहार की बसों का संचालन होगा, पार्किंग स्थल बनेगा।
- महराजगंज की तरफ से आने-जाने वाली बसों का मेडिकल कॉलेज के पास से संचालन होगा।
- बसों के नए पार्किंग स्थल से शहर में आने के लिए ई-रिक्शा व ऑटो का किराया तय होगा।
- सड़क किनारे अवैध रूप से कब्जा किए गए लोगों को हटाकर व्यवस्थित किया जाएगा।
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पहले भी की गई थी कोशिश, लेकिन नहीं हो सका अमल
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एडीजी अखिल कुमार ने कहा कि सुरक्षा की लिहाज से सीसीटीवी कैमरे लगवाने के लिए ऑपरेशन त्रिनेत्र मुहिम को शुरू किया गया, जिसका असर है कि गोरखपुर ही नहीं आसपास के जिले भी सीसीटीवी कैमरे की जद में हैं। जाम शहर की बड़ी समस्या है। अब इससे राहत दिलाने के लिए मुहिम शुरू की गई है। कमिश्नर व अन्य विभागों के सहयोग से शहर की यातायात व्यवस्था को दुरुस्त किया जाएगा।