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गोरखपुर जीडीए: दो दिन कैंप लगाकर सुलझाएंगे मानचित्र के मामले, सुनी जाएंगी समस्याएं

Tue, 03 Aug 2021 08:05 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 03 Aug 2021 08:05 PM IST
सार

प्रत्येक सोमवार और मंगलवार को कैंप में सुनी जाएंगी समस्याएं, अगले पांच दिनों में किया जाएगा परेशानियों का निस्तारण

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Map matters will be solved by camping for two days in Gorakhpur
गोरखपुर विकास प्राधिकरण। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गोरखपुर में जीडीए की ओर से प्रत्येक सप्ताह दो दिन कैंप लगाकर मानचित्र के मामले सुलझाए जाएंगे। सोमवार और मंगलवार को कैंप लगेगा, वहीं लंबित मानचित्र और नामांतरण के मामलों का निस्तारण किया जाएगा।

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गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) के उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि जो मामले मौके पर नहीं निस्तारित हो सकेंगे, उन्हें अगले पांच दिनों के अंदर  निस्तारित कराया जाएगा ताकि आम आदमी को मानचित्र स्वीकृत कराने में किसी भी तरह की दिक्कत न हो। इससे अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और प्राधिकरण की आय बढ़ेगी। मंगलवार को दूसरे दिन के कैंप में भी जीडीए उपाध्यक्ष और सचिव राम सिंह गौतम ने आवेदकों की समस्याएं सुनीं।
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दो दिनों के भीतर मानचित्र और नामांतरण संबंधित 40 से अधिक मामलों का निस्तारण हुआ। जो मामले बच गए उन्हें उपाध्यक्ष ने 7 जुलाई तक निस्तारित कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। अवर अभियंताओं आदि के स्तर पर मानचित्र आवेदनों में बेवजह पेंच फंसाने और उसे लंबित रखने पर तमाम लोग चाहकर भी मानचित्र स्वीकृत कराने से कतराते हैं, जिससे अवैध निर्माण बढ़ता है।
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कई साल से लगा रहे थे चक्कर, मामला सुलझा

सोमवार और मंगलवार को दो दिनों तक लगे कैंप में कई ऐसे आवेदकों के मामले भी सुलझ गए जो वर्षों से प्राधिकरण के चक्कर लगा रहे थे। उद्यमी विष्णु अजीत सरिया का बरगदवां में व्यावसायिक निर्माण को लेकर मानचित्र का आवेदन तो 12 साल से लटका था जिसे घंटे भर में निस्तारित कर दिया गया। पहले दिन कैंप में 45 आवेदन आए जबकि 15 शमन मानचित्र स्वीकृत किए गए जिनसे प्राधिकरण को एक करोड़ 66 लाख 49 हजार 598 रुपये की आय हुई।

वहीं संपत्तियों के 19 मामलों का निस्तारण हुआ। दूसरे दिन चार शमन मानचित्र स्वीकृत किए गए जिससे प्राधिकरण को 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार 220 रुपये की आय होगी। इसके अलावा संपत्तियों के नामांतरण संबंधी नौ मामलों का भी निस्तारण हुआ।   

जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने कहा कि यदि किसी को भी मानचित्र या नामांतरण संबंधी मामलों में किसी तरह की दिक्कत हो तो वह हर सप्ताह सोमवार और मंगलवार को आयोजित होने वाले कैंप में पहुंच कर अपनी समस्याएं बता सकता है। सभी का निस्तारण कराया जाएगा। मानचित्र आवेदनों को बेवजह अटकाने और समय से निस्तारित नहीं करने वालों पर भी कार्रवाई की जाएगी।

समय से पटल पर नहीं मिले अधिकारी-कर्मचारी तो नपेंगे
जीडीए उपाध्यक्ष ने प्राधिकरण के सभी अफसरों, कर्मचारियों को हिदायत दी है कि हर कोई समय से दफ्तर आने के साथ ही अपने पटल पर सुबह 10 बजे से 12 बजे तक मौजूद रहकर जन सामान्य की समस्याएं सुने। निरीक्षण में यदि कोई अफसर या कर्मचारी तय समय पर अपने पटल पर नहीं मिला तो कार्रवाई तय है। उन्होंने कहा कि दो दिन तक चले मानचित्र व नामांतरण निस्तारण कैंप में कई ऐसे मामले आए जो लंबे समय से लंबित हैं। समय से उनका निस्तारण नहीं किया गया, जो गंभीर विषय है। इससे जन सामान्य को असुविधा और परेशानी के साथ-साथ प्राधिकरण की छवि धूमिल होती है।

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