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गोरखपुर में मेगा ब्लॉक: बहुत देर से आईं ट्रेनें...लंबा इंतजार और उमस से बिलबलाए यात्री
Tue, 05 Sep 2023 11:43 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 05 Sep 2023 11:43 AM IST
सार
बिहार से दिल्ली जाने वाली वीआईपी कही जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस पौने दो घंटे की देरी से पहुंची। जबकि, बिहार संपर्क क्रांति पौने चार घंटे और सत्याग्रह करीब चार घंटे देरी से स्टेशन पर आई। यात्रियों को छोड़ने आए उनके परिजन और शुभचिंतक भी परेशान रहे।
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रेलवे स्टेशन टिकट काउंटर पर लगी यात्रियों की भीड़भाड़।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कैंट-कुसम्ही तीसरी लाइन बिछाने और कैंट स्टेशन पर यार्ड रिमाडलिंग कार्य के लिए रेल प्रशासन की ओर से लिए गए मेगा ब्लाॅक के चलते वैशाली, बिहार संपर्क क्रांति, सत्याग्रह एक्सप्रेस सहित कई ट्रेनें दो से चार घंटे की देरी से गोरखपुर जंक्शन पर पहुंचीं। उमस भरी गर्मी में ट्रेनों का इंतजार कर रहे यात्री बिलबिला उठे। प्लेटफार्म पर बच्चों के साथ महिलाएं और बुजुर्ग जमीन पर ही नीचे बैठ गए। टिकट काउंटर और पूछताछ केंद्र पर भीड़ लगी रही। जब गर्मी बर्दाश्त नहीं हुई तो बहुत सारे यात्री परिसर में टहलने लगे।
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बिहार से दिल्ली जाने वाली वीआईपी कही जाने वाली वैशाली एक्सप्रेस पौने दो घंटे की देरी से पहुंची। जबकि, बिहार संपर्क क्रांति पौने चार घंटे और सत्याग्रह करीब चार घंटे देरी से स्टेशन पर आई। यात्रियों को छोड़ने आए उनके परिजन और शुभचिंतक भी परेशान रहे। पूछताछ काउंटर पर ट्रेन का लोकेशन जानने के लिए लोग परेशान रहे। वहां थोड़ी-थोड़ी देर पर अपडेट किया जा रहा था।
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सबसे ज्यादा परेशान जनरल बोगी में यात्रा करने वाले हुए। तीन घंटे बाद जनरल टिकट वापस नहीं होता है, इस चक्कर में बहुत सारे लोगों ने टिकट वापस कर दिया। लेकिन, जब पता चला कि ट्रेन कुछ देर में आ जाएगी तो फिर टिकट लेने के लिए लाइन में लग गए। इससे टिकट काउंटर पर भारी भीड़ लगी रही।
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बोले यात्री: बड़ा मुश्किल हो गया सफर
सप्तक्रांति से दिल्ली जाना है। ट्रेन 6:30 बजे गोरखपुर जंक्शन पर आती है, मैं 6 बजे पहुंच गया था। यहां पता लगा कि ट्रेन 3 घंटे देरी से चल रही है। स्टेशन पर इधर-उधर भटकना पड़ा। पूछताछ काउंटर पर भी इतनी भीड़ थी धक्का-मुक्की करना पड़ा। -रवि प्रताप सिंह, मोहद्दीपुर।
सत्याग्रह से गाजियाबाद जाना है। घर से दोपहर 3 बजे प्लेटफार्म पर पहुंच गया था। ट्रेन करीब 4 घंटे देर से है। हर आधा घंटे बाद स्टेटस बदल रहा है। प्लेटफार्म पर बैठे-बैठे इतना मन ऊब गया है कि अगर और लेट हुई तो यात्रा कैंसिल कर दूंगा।-योगी नारायण प्रसाद, कटया-बिहार।
संपर्क क्रांति से दिल्ली के लिए टिकट आरक्षित कराया था। ट्रेन पौने चार बजे गोरखपुर जंक्शन पहुंचती है। घर से पहले निकले और करीब 3 बजे ही यहां आ गए। अब तक चार बार ट्रेन के आने का समय बदल चुका है। स्टेशन पर चार घंटे बड़ी मुश्किल से गुजारा है।-संदीप मणि त्रिपाठी, माल्हनपार।
यहां तो बड़ी दिक्कत है। ट्रेन के आने का समय बार-बार बदल रहा है। सत्याग्रह एक्सप्रेस से मुझे जाना है। ट्रेन के इंतजार में कई घंटे गुजर गए। घर से जो नाश्ता-पानी रास्ते के लिए लाए थे, वे यहीं खत्म हो गए। जब ट्रेन यहीं इतनी देर है तो आगे की यात्रा कैसे पूरी होगी, यह सोचकर ही डर लग रहा है। -छोटू, बड़हलगंज।
सत्याग्रह से गाजियाबाद जाना है। घर से दोपहर 3 बजे प्लेटफार्म पर पहुंच गया था। ट्रेन करीब 4 घंटे देर से है। हर आधा घंटे बाद स्टेटस बदल रहा है। प्लेटफार्म पर बैठे-बैठे इतना मन ऊब गया है कि अगर और लेट हुई तो यात्रा कैंसिल कर दूंगा।-योगी नारायण प्रसाद, कटया-बिहार।
संपर्क क्रांति से दिल्ली के लिए टिकट आरक्षित कराया था। ट्रेन पौने चार बजे गोरखपुर जंक्शन पहुंचती है। घर से पहले निकले और करीब 3 बजे ही यहां आ गए। अब तक चार बार ट्रेन के आने का समय बदल चुका है। स्टेशन पर चार घंटे बड़ी मुश्किल से गुजारा है।-संदीप मणि त्रिपाठी, माल्हनपार।
यहां तो बड़ी दिक्कत है। ट्रेन के आने का समय बार-बार बदल रहा है। सत्याग्रह एक्सप्रेस से मुझे जाना है। ट्रेन के इंतजार में कई घंटे गुजर गए। घर से जो नाश्ता-पानी रास्ते के लिए लाए थे, वे यहीं खत्म हो गए। जब ट्रेन यहीं इतनी देर है तो आगे की यात्रा कैसे पूरी होगी, यह सोचकर ही डर लग रहा है। -छोटू, बड़हलगंज।