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Trains Canceled: सैलानियों के लिए सफर मुश्किल, ट्रेनों के रद्द होने से सैकड़ों लोगों की बढ़ी परेशानी, कर रहे मानसिक और आर्थिक चोट का सामना
Mon, 20 Jun 2022 08:38 AM IST
शाहरुख खान
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर
राजन राय, अमर उजाला, गोरखपुर
Published by: शाहरुख खान
Updated Mon, 20 Jun 2022 08:38 AM IST
सार
गोरखपुर से सैकड़ों परिवार जम्मू, कश्मीर, देहरादून और मसूरी में छुट्टियां मनाने गए हैं। इधर, देश भर में सेना भर्ती को लेकर चल रहे बवाल के चलते ट्रेनें रद की जा रही हैं। ऐसे में जिन लोगों ने दो से तीन महीने पहले रिजर्वेशन कराया है, ट्रेनों के न चलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं।
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फाइल फोटो
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विस्तार
गर्मी की छुट्टियों में ठंडी जगहों पर घूमने गए बहुत सारे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। सेना में अग्निपथ योजना के बढ़ते विरोध के चलते ज्यादातर ट्रेनें निरस्त कर दी गई हैं। सैलानी जहां गए हैं वहीं फंसे हुए हैं। वापसी की राह बहुत मुश्किल हो गई है। शहर से भी कई परिवार ऐसे हैं, जिन्हें ट्रेन निरस्त होने से मानसिक व आर्थिक चोट का सामना करना पड़ रहा है। ‘अग्निपथ’ ने सैलानियों के लिए मुश्किल बना दिया है।
गोरखपुर से सैकड़ों परिवार जम्मू, कश्मीर, देहरादून और मसूरी में छुट्टियां मनाने गए हैं। इधर, देश भर में सेना भर्ती को लेकर चल रहे बवाल के चलते ट्रेनें रद की जा रही हैं। ऐसे में जिन लोगों ने दो से तीन महीने पहले रिजर्वेशन कराया है, ट्रेनों के न चलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। टैक्सी, पार्ट जर्नी या फ्लाइट जैसे विकल्प तलाश रहे हैं, वहीं होटल में रुकने के चलते बजट बिगड़ गया है।
केस एक
राप्तीनगर के मनोज कुमार अपने पूरे परिवार के साथ गर्मी की छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। पांच दिनों तक कश्मीर की वादियों का आनंद लिया। जम्मू से उन्हें 15654 अमरनाथ एक्सप्रेस से शुक्रवार को आना था। लेकिन, ट्रेन का संचलन निरस्त कर दिया गया। जम्मू में ही उन्होंने पूरे परिवार के साथ होटल में गुजारा और शनिवार को 12588 में टिकट के लिए कोशिश किया तो पता चला कि ट्रेन रद्द कर दी गई है। अब वह ट्रेन से दिल्ली जाएंगे और वहां से बस से लौटेंगे। उनकी पूरी यात्रा का मजा खराब हो गया है और आर्थिक बोझ अलग से बढ़ा है।
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केस दो
रुस्तमपुर के राकेश मिश्रा परिवार के साथ घूमने दार्जिलिंग गए हुए हैं। तीन दिनों तक घमूने के बाद शुक्रवार को उन्हें बाघ एक्सप्रेस से लौटना था। पूरे परिवार के साथ जब वे स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन निरस्त कर दी गई हैं। अब वह टैक्सी रिजर्व करके कोलकाता पहुंचे हैं। रविवार को वह फ्लाइट से गोरखपुर लौटेंगे। राकेश कहते हैं, यह टूर उन्हें बहुत महंगा पड़ गया। रुपये खत्म हो गए तो उधर 20 हजार रुपये मंगाए हैं।
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गोरखपुर से सैकड़ों परिवार जम्मू, कश्मीर, देहरादून और मसूरी में छुट्टियां मनाने गए हैं। इधर, देश भर में सेना भर्ती को लेकर चल रहे बवाल के चलते ट्रेनें रद की जा रही हैं। ऐसे में जिन लोगों ने दो से तीन महीने पहले रिजर्वेशन कराया है, ट्रेनों के न चलने से उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। टैक्सी, पार्ट जर्नी या फ्लाइट जैसे विकल्प तलाश रहे हैं, वहीं होटल में रुकने के चलते बजट बिगड़ गया है।
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केस एक
राप्तीनगर के मनोज कुमार अपने पूरे परिवार के साथ गर्मी की छुट्टियां मनाने कश्मीर गए थे। पांच दिनों तक कश्मीर की वादियों का आनंद लिया। जम्मू से उन्हें 15654 अमरनाथ एक्सप्रेस से शुक्रवार को आना था। लेकिन, ट्रेन का संचलन निरस्त कर दिया गया। जम्मू में ही उन्होंने पूरे परिवार के साथ होटल में गुजारा और शनिवार को 12588 में टिकट के लिए कोशिश किया तो पता चला कि ट्रेन रद्द कर दी गई है। अब वह ट्रेन से दिल्ली जाएंगे और वहां से बस से लौटेंगे। उनकी पूरी यात्रा का मजा खराब हो गया है और आर्थिक बोझ अलग से बढ़ा है।
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केस दो
रुस्तमपुर के राकेश मिश्रा परिवार के साथ घूमने दार्जिलिंग गए हुए हैं। तीन दिनों तक घमूने के बाद शुक्रवार को उन्हें बाघ एक्सप्रेस से लौटना था। पूरे परिवार के साथ जब वे स्टेशन पहुंचे तो पता चला कि ट्रेन निरस्त कर दी गई हैं। अब वह टैक्सी रिजर्व करके कोलकाता पहुंचे हैं। रविवार को वह फ्लाइट से गोरखपुर लौटेंगे। राकेश कहते हैं, यह टूर उन्हें बहुत महंगा पड़ गया। रुपये खत्म हो गए तो उधर 20 हजार रुपये मंगाए हैं।