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बाहर से आए लोगों के लिए मुसीबत बनी ये महामारी, हाथ से गई नौकरी, अब जमीन की है बारी

Wed, 20 May 2020 03:40 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Wed, 20 May 2020 03:40 PM IST
सार

  • गांव में दबंग की नजर है जमीन पर, काम-धंधा न होने से मुकदमा लड़ने को रुपये भी नहीं बचे
  • कुछ मामलों में पुलिस बनी मददगार तो निपटा मामला, कोर्ट में मामलों से सर्वाधिक परेशान है लोग

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Many People most worried about cases in court due to coronavirus
gorakhpur news - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

कोरोना महामारी किसी की जिंदगी छीन रही तो किसी की नौकरी। रोजमर्रा और फैक्ट्री में काम करने वाले गांव को लौट रहे हैं। मन में उम्मीद यही कि खेती करके गुजर बसर कर लेंगे, पर यह भी आसान थोड़े है। कोई घरवालों को कर्ज देने के बहाने तो कोई दबंगई से जमीन हथिया लेना चाहता है। कोर्ट बंद हैं।

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सुनवाई तो सिर्फ प्रशासन और पुलिस के दरबार में ही होनी है तो फरियाद लिए बड़ी उम्मीद से पीड़ित पहुंच रहे हैं। कुछ मामलों में पुलिस मददगार बनी तो काम भी हुआ मगर जहां अफसरों की नजर नहीं पड़ी वहां पर आर्थिक तंगी दूर करना एक बड़ा सवाल बन गया है।
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जमीन पर कब्जा और उसके लिए हत्या तक होना जिले में कोई नई बात नहीं है। पर इन दिनों यह समस्या बढ़ी है। कोर्ट के आदेश को दरकिनार कर कुछ लोग मनमानी कर रहे हैं। शिकायत अफसरों तक पहुंचती है तो फरियाद सुन ली जाती है नहीं तो होता तो वही है जो थाना पुलिस चाहती है।

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यह समस्या उनके ऊपर कहर बन कर टूटी है, जो बाहर रहकर कमाते थे। जब तक बाहर थे, कोर्ट कचहरी के लिए रुपये भी भेज देते थे लेकिन अब फरियाद तक के रुपये नहीं बचे है। उनके पास है तो सिर्फ एक उम्मीद कि अफसर उनकी बातों को सुने और समाधान करा दें।..
 
केस 1.
बेलघाट इलाके के रामसमुझ दिल्ली से लौटे हैं। वहां एक फैक्ट्री में काम करते थे। किसी तरह से फिर से गांव आए हैं। इनकी डेढ़ बीघा जमीन पर कब्जा करने की नीयत से कुछ लोग लगे हैं। ये लोग कहते हैं कि दो साल पहले मरे पिता को रुपये दिए थे। वह जमीन बेच चुके है मगर कागजात नहीं है। रामसमुझ अफसरों को प्रार्थना पत्र भेजकर न्याय की गुहार लगाए हैं।

केस 2.
बांसगांव में जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। रामअचल पहले बाहर रहते थे। मुंबई से लौटे और 14 दिन क्वारंटीन रहने के बाद घरवालों ने बताया कि बगीचे को लेकर विवाद चल रहा है। उसे कुछ लोग कब्जा करना चाहते हैं। परिवार के लोग इसी बगीचे के आम को बेचने का भी काम करते है। इस प्रकरण में भी पुलिस के हस्तक्षेप पर कोर्ट के आदेश का पालन हो सका।
 
एसएसपी डॉ. सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि पुलिस के पास जो भी शिकायतें आती है, उसका नियमानुसार निपटारा कराया जा रहा है। जमीन विवाद के जिन मामलों में कोर्ट का स्टे या अन्य आदेश है उसका पालन कराया जा रहा है।
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