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एमएमएमयूटी : बीटेक के 28 छात्रों ने दूसरे संस्थानों में ले लिया प्रवेश, मिली मंजूरी
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गोरखपुर। सत्र 2025-26 में बीटेक में प्रवेश लेने के बाद मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने 28 छात्र-छात्राओं ने दूसरे संस्थान में प्रवेश ले लिया। उनके प्रवेश निरस्तीकरण के आवेदन को शनिवार को विद्या परिषद ने मंजूरी दे दी। भविष्य में इस तरह की परिस्थितियां न बनें, इसके लिए नई रणनीति पर भी विचार का निर्णय लिया गया है।
एमएमएमयूटी में शनिवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में आयोजित विद्या परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें 28 छात्रों की ओर से प्रवेश निरस्तीकरण के आवेदन भी शामिल थे। इन छात्रों ने यहां पूरा शुल्क जमाकर प्रवेश ले लिया था। यहां अंतिम तिथि बीत जाने के बाद उन छात्रों ने दूसरे संस्थानों में प्रवेश ले लिया। उनकी जगह दूसरे प्रवेश नहीं हो पाने के कारण सीटें रिक्त ही रह गईं। इसके बाद एआईसीटीई के दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों ने एमएमएमयूटी में प्रवेश निरस्त किए जाने के लिए आवेदन किया था। अब यह रिक्त सीटें लेटरल एंट्री के तहत दूसरे वर्ष में भरी जाएंगी।
कंप्यूटर साइंस के दो, इलेक्ट्रॉनिक्स के छह, सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल के चार-चार, केमिकल के पांच, आईटी के एक व आईओटी के दो विद्यार्थियों के प्रवेश निरस्त किए जाने को मंजूरी मिली है।
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बैठक में वर्ष 2024 में बने बीटेक अध्यादेश के अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के सिलेबस को मंजूरी प्रदान की गई। अब तक केवल प्रथम और द्वितीय वर्ष का पाठ्यक्रम स्वीकृत था। अगले सत्र से नए अध्यादेश के तहत तृतीय वर्ष की कक्षाएं संचालित होंगी। इसके अलावा एआई के बढ़ते महत्व को देखते हुए इंजीनियरिंग की सभी शाखाओं में ‘फंडामेंटल्स ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ नामक ऐच्छिक विषय को भी स्वीकृति दी गई।
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एमएमएमयूटी में शनिवार को कुलपति प्रो. जेपी सैनी की अध्यक्षता में आयोजित विद्या परिषद की बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। इसमें 28 छात्रों की ओर से प्रवेश निरस्तीकरण के आवेदन भी शामिल थे। इन छात्रों ने यहां पूरा शुल्क जमाकर प्रवेश ले लिया था। यहां अंतिम तिथि बीत जाने के बाद उन छात्रों ने दूसरे संस्थानों में प्रवेश ले लिया। उनकी जगह दूसरे प्रवेश नहीं हो पाने के कारण सीटें रिक्त ही रह गईं। इसके बाद एआईसीटीई के दिशा-निर्देशों के तहत छात्रों ने एमएमएमयूटी में प्रवेश निरस्त किए जाने के लिए आवेदन किया था। अब यह रिक्त सीटें लेटरल एंट्री के तहत दूसरे वर्ष में भरी जाएंगी।
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कंप्यूटर साइंस के दो, इलेक्ट्रॉनिक्स के छह, सिविल, इलेक्ट्रिकल और मैकेनिकल के चार-चार, केमिकल के पांच, आईटी के एक व आईओटी के दो विद्यार्थियों के प्रवेश निरस्त किए जाने को मंजूरी मिली है।
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बैठक में वर्ष 2024 में बने बीटेक अध्यादेश के अंतर्गत तृतीय एवं चतुर्थ वर्ष के सिलेबस को मंजूरी प्रदान की गई। अब तक केवल प्रथम और द्वितीय वर्ष का पाठ्यक्रम स्वीकृत था। अगले सत्र से नए अध्यादेश के तहत तृतीय वर्ष की कक्षाएं संचालित होंगी। इसके अलावा एआई के बढ़ते महत्व को देखते हुए इंजीनियरिंग की सभी शाखाओं में ‘फंडामेंटल्स ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस’ नामक ऐच्छिक विषय को भी स्वीकृति दी गई।