कानपुर की तरह इस जिले में हो चुकी है बदमाशों से मुठभेड़, पुलिस की गोली से कई हुए हैं ढ़ेर
- भुठभेड़ में बदमाश की गोली का शिकार हो चुके हैं पुलिसकर्मी
- वर्ष 2010 में पुलिस इंकाउंटर में ढेर हुआ था बदमाश
विस्तार
शांति का संदेश देने वाली गौतम बुद्ध की धरती पर भी कानपुर की ही तरह पुलिस और बदमाशों के बीच हुई कई मुठभेड़ हो चुकी हैं। इन मुठभेड़ों में कई बदमाश तो ढेर हुए ही पुलिस कर्मी भी उनकी गोली का शिकार हुए हैं। हालांकि बदमाश की गोली से यहां पर किसी पुलिसकर्मी की जान नहीं गई जबकि पुलिस की गोली से कई बदमाश ढे़र हुए हैं। यहां पढ़ें जिले में पुलिस मुठभेड़ से जुड़ी एक रिपोर्ट।
पुलिस मुठभेड़ में मार गए थे सात बदमाश
पुलिस विभाग के जानकारों के अनुसार वर्ष 1999 में बांसी कोतवाली क्षेत्र के बेलगड़ा गांव के पास बांसी पुलिस से मुठभेड़ हुई थी। इसमें पुलिस ने सात बदमाश मार गिराए थे। ऐसा पुलिस रिकार्ड में है।
पुलिस ने मार गिराया गया बदमाश
वर्ष 2010 में शोहरतगढ़ थाने के तत्कालीन एसओ जयदीप दुबे को पता चला कि एक शातिर बदमाश सीमा क्षेत्र के खुनुवां बॉर्डर के पास मौजूद है और किसी घटना को अंजाम देने की फिराक है। पुलिस के पहुंचते ही उधर से फायरिंग शुरू हो गई, पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बदमाश को मार गिराया गया।
मुठभेड़ में पकड़े गए कंजड़ गिरोह के डकैत
वर्ष 2015 में तत्कालीन एसपी अजय साहनी को सूचना मिली कि बांसी कोतवाली क्षेत्र में कुछ डकैत पहुंचे हैं। टीम के साथ एसपी बांसी कोतवाली क्षेत्र के सोनखर गांव के बाग में घेराबंदी करने पहुंचे तो बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इसमें तत्कालीन स्वाट प्रभारी अनूप कुमार शुक्ल को गोली छूकर निकल गई थी। वहीं पुलिस की गोली से तीन बदमाश घायल हो गए थे इस भुठभेड़ में सात से अधिक बदमाश पकड़े गए थे।
बदमाश की गोली से जख्मी हो गए थे एसआई
वर्ष 2019 में 23 नवंबर की भोर में बांसी कोतवाती क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी बीच सूचना मिली की दो बदमाश कोतवाली क्षेत्र के एक स्थान पर हैं। पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो बाइक सवार दो लोग आते हुए दिखे। रोकने की कोशिश की तो उधर से फायरिंग शुरू हो गई। जवाबी फायरिंग में बदमाश अजय सिंह घायल हो गया। साथ ही बदमाश की गोली एसआई अजय सिंह को भी लगी। मुठभेड़ बदमाश अजय के अलावा उसका साथ बबलू पकड़ा गया था।
बोले जिम्मेदार
सिद्धार्थनगर एसपी विजय ढुल ने कहा कि एसओ और स्थानीय थानों को निर्देश दिया है कि अगर कोई सूचना मिलती है तो ऑपरेशन पर जाने के लिए सभी नियम और सुरक्षा मानकों का पालन करें। फोर्स साथ में रहे और बुलेट पूफ्र जैकेट आदि लेकर जाएं।