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Gorakhpur News: संतकबीरनगर का मनीष तय करवाता था सॉल्वर
Fri, 27 Mar 2026 02:57 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Updated Fri, 27 Mar 2026 02:57 AM IST
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जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में मनीष निकला मास्टरमाइंड
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में संतकबीरनगर का मनीष मिश्रा मास्टरमाइंड निकला। लखनऊ के विकासनगर स्थित सेंट्रल एकेडमी से गिरफ्तार आरोपियों ने मनीष मिश्रा का नाम लिया था। लखनऊ की सूचना पर गोरखपुर एसटीएफ ने संतकबीरनगर से मनीष मिश्रा की गिरफ्तारी की थी।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दिव्यांग अभ्यर्थियों के बदले सॉल्वर बैठाने की जिम्मेदारी मनीष मिश्रा के पास ही थी। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से गिरोह के गुर्गे संपर्क करते थे। किस दिव्यांग अभ्यर्थी के बदले सॉल्वर को किस परीक्षा केंद्र पर बैठाना है, ये मनीष ही तय करता था। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा कुछ फर्जी दिव्यांग दिखाकर भी आवेदन फॉर्म भरे जाते थे। एसटीएफ लखनऊ की सूचना पर गोरखपुर यूनिट ने संतकबीरनगर से मनीष की गिरफ्तारी कर उसे लखनऊ एसटीएफ को सुपुर्द किया। एसटीएफ प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के नवाजोत गांव से आरोपी की गिरफ्तारी की गई थी।
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अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। जूनियर क्लर्क भर्ती परीक्षा में संतकबीरनगर का मनीष मिश्रा मास्टरमाइंड निकला। लखनऊ के विकासनगर स्थित सेंट्रल एकेडमी से गिरफ्तार आरोपियों ने मनीष मिश्रा का नाम लिया था। लखनऊ की सूचना पर गोरखपुर एसटीएफ ने संतकबीरनगर से मनीष मिश्रा की गिरफ्तारी की थी।
एसटीएफ सूत्रों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि दिव्यांग अभ्यर्थियों के बदले सॉल्वर बैठाने की जिम्मेदारी मनीष मिश्रा के पास ही थी। एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, परीक्षाओं में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों से गिरोह के गुर्गे संपर्क करते थे। किस दिव्यांग अभ्यर्थी के बदले सॉल्वर को किस परीक्षा केंद्र पर बैठाना है, ये मनीष ही तय करता था। सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा कुछ फर्जी दिव्यांग दिखाकर भी आवेदन फॉर्म भरे जाते थे। एसटीएफ लखनऊ की सूचना पर गोरखपुर यूनिट ने संतकबीरनगर से मनीष की गिरफ्तारी कर उसे लखनऊ एसटीएफ को सुपुर्द किया। एसटीएफ प्रभारी एसपी सिंह ने बताया कि संतकबीरनगर के धनघटा थाना क्षेत्र के नवाजोत गांव से आरोपी की गिरफ्तारी की गई थी।
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