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मनीष हत्याकांड: आरोपी छह पुलिस कर्मियों को रिमांड पर ले सकती है एसआईटी, जानिए क्या है पूरा मामला
Mon, 18 Oct 2021 01:42 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 18 Oct 2021 01:42 PM IST
सार
कारोबारी मनीष की हत्या के मामले में छह पुलिसकर्मियों को जेल भेजा गया है। खबर है कि उनकी मौजूदगी में एसआईटी दोबारा सीन री-क्रिएट कर सकती है।
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आरोपी छह पुलिसकर्मी व मनीष गुप्ता की फाइल फोटो।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में जेल भेजे गए आरोपी छह पुलिस कर्मियों को कानपुर एसआईटी रिमांड पर ले सकती है। खबर है कि उनकी मौजूदगी में एसआईटी दोबारा सीन री-क्रिएट कर सकती है।
जानकारी के मुताबिक, कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा, उप निरीक्षक विजय यादव, राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल प्रशांत को पुलिस ने हत्या का आरोपी बनाया था, जिन्हें निलंबित किया गया है। जांच के दौरान एसआईटी कानपुर में साक्ष्य छिपाने की धारा बढ़ाई और सभी आरोपियों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी गोरखपुर पुलिस ने एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब एसआईटी आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
यह हुआ था
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर घूमने आए थे। उनके साथ हरियाणा के दोस्त हरबीर और प्रदीप भी थे। तीनों युवक तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में रुके थे। रामगढ़ताल थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह समेत छह पुलिसकर्मी रात करीब साढ़े 12 बजे कमरे की तलाशी लेने पहुंच गए। आधी रात को इस तरह कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और पुलिस टीम ने पीट-पीटकर मनीष की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस वालों का कहना था कि मनीष शराब के नशे में धुत थे और गिरने की वजह से उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जिसकी विवेचना कानपुर एसआइटी कर रही है।
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जानकारी के मुताबिक, कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के मामले में पुलिस ने उसकी पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर इंस्पेक्टर जेएन सिंह, चौकी इंचार्ज रहे अक्षय मिश्रा, उप निरीक्षक विजय यादव, राहुल दुबे, हेड कांस्टेबल कमलेश यादव, कांस्टेबल प्रशांत को पुलिस ने हत्या का आरोपी बनाया था, जिन्हें निलंबित किया गया है। जांच के दौरान एसआईटी कानपुर में साक्ष्य छिपाने की धारा बढ़ाई और सभी आरोपियों पर एक-एक लाख का इनाम घोषित किया गया था। आरोपियों की गिरफ्तारी में लगी गोरखपुर पुलिस ने एक-एक कर सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। अब एसआईटी आरोपियों को रिमांड पर लेने की तैयारी में है।
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यह हुआ था
कानपुर के बर्रा निवासी कारोबारी मनीष गुप्ता 27 सितंबर की सुबह आठ बजे गोरखपुर घूमने आए थे। उनके साथ हरियाणा के दोस्त हरबीर और प्रदीप भी थे। तीनों युवक तारामंडल स्थित होटल कृष्णा पैलेस के कमरा नंबर 512 में रुके थे। रामगढ़ताल थाना प्रभारी जगत नारायण सिंह समेत छह पुलिसकर्मी रात करीब साढ़े 12 बजे कमरे की तलाशी लेने पहुंच गए। आधी रात को इस तरह कमरे की तलाशी लेने पर मनीष ने आपत्ति जताई तो पुलिसकर्मियों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि इंस्पेक्टर जगत नारायण सिंह और पुलिस टीम ने पीट-पीटकर मनीष की हत्या कर दी। हालांकि पुलिस वालों का कहना था कि मनीष शराब के नशे में धुत थे और गिरने की वजह से उनकी मौत हुई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मनीष के शरीर पर कई जगह चोट के निशान मिले। मनीष की पत्नी मीनाक्षी की तहरीर पर पुलिस ने छह पुलिसकर्मियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। जिसकी विवेचना कानपुर एसआइटी कर रही है।
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