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मनीष गुप्ता हत्याकांड: सीबीआई ने हरबीर और प्रदीप को बुलाया लखनऊ, एसआईटी के सामने नहीं दर्ज हुआ था इनका बयान
Mon, 22 Nov 2021 01:12 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 22 Nov 2021 01:12 PM IST
सार
घटना के वक्त साथ रहे मनीष के दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह से सीबीआई लखनऊ में पूछताछ कर सकती है।
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मृतक कारोबारी मनीष गुप्ता।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने घटना की रात साथ मौजूद रहे मनीष के दोनों दोस्त हरबीर सिंह और प्रदीप सिंह को लखनऊ बुलाया है। इन दोनों का एसआईटी कानपुर के समक्ष बयान दर्ज नहीं हुआ था। अब सीबीआई इनसे लखनऊ में पूछताछ कर सकती है। इसके अलावा गोरखपुर से भी मनीष के दोस्त चंदन सैनी और अन्य को लखनऊ बुलाया गया है। हालांकि गोरखपुर में सीबीआई इनसे पूछताछ कर चुकी है।
27 सितंबर को रामगढ़ताल इलाके के होटल में पुलिस चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता की पिटाई से मौत हो गई थी। इस घटना की दो अक्तूबर से एसआईटी कानपुर ने जांच शरू की थी, लेकिन मृतक की पत्नी मीनाक्षी को एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं था। पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सीबीआई जांच की मांग की थी।
कोर्ट के फैसले से पहले ही दो नवंबर को सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया और कानपुर में मीनाक्षी से मिलकर केस की जानकारी दी। सीबीआई टीम 11 नवंबर को जांच के सिलसिले में गोरखपुर पहुंची थी। यहां 17 नवंबर तक सीबीआई ने इस केस से जुड़े कई लोगों से एनेक्सी भवन में पूछताछ की और दोबारा आने की बात कहते हुए लौट गई। एनेक्सी भवन के सेफ हाउस को सीबीआई ने अभी भी अपने कब्जे में ही रखा है।
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27 सितंबर को रामगढ़ताल इलाके के होटल में पुलिस चेकिंग के दौरान मनीष गुप्ता की पिटाई से मौत हो गई थी। इस घटना की दो अक्तूबर से एसआईटी कानपुर ने जांच शरू की थी, लेकिन मृतक की पत्नी मीनाक्षी को एसआईटी जांच पर भरोसा नहीं था। पत्नी मीनाक्षी गुप्ता ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सीबीआई जांच की मांग की थी।
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कोर्ट के फैसले से पहले ही दो नवंबर को सीबीआई ने केस दर्ज कर लिया और कानपुर में मीनाक्षी से मिलकर केस की जानकारी दी। सीबीआई टीम 11 नवंबर को जांच के सिलसिले में गोरखपुर पहुंची थी। यहां 17 नवंबर तक सीबीआई ने इस केस से जुड़े कई लोगों से एनेक्सी भवन में पूछताछ की और दोबारा आने की बात कहते हुए लौट गई। एनेक्सी भवन के सेफ हाउस को सीबीआई ने अभी भी अपने कब्जे में ही रखा है।
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