समय से पहले खत्म हो जाएगा फल: आंधी से गिरे आम, खराब हुई सब्जियां, जल्दी हो जाएगी बाजार से विदाई
गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में आम के सीजन की शुरुआत जून से मानी जाती है। जून से लोकल आम बाजार में पहुंचने लगते हैं। लेकिन, जब आम की फसल खेत में पकने के करीब है, ऐसे में इस आंधी ने आम को काफी नुकसान पहुंचाया है।
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गोरखपुर में सोमवार की देर रात आई आंधी और पानी से आम और सब्जी की फसलें काफी प्रभावित हुई हैं। आंधी से आम की 50 फीसदी से भी ज्यादा फसल गिर गई हैं। वहीं सब्जियों की फसल को भी नुकसान हआ है। कृषि विशेषज्ञों का मनाना है कि जिस तरह से आम और सब्जियों की फसल को आंधी और बारिश से नुकसान पहुंचा है इससे तय समय से पहले ही इनकी बाजार से विदाई हो जाएगी।
गोरखपुर और उसके आसपास के क्षेत्रों में आम के सीजन की शुरुआत जून से मानी जाती है। जून से लोकल आम बाजार में पहुंचने लगते हैं। लेकिन, जब आम की फसल खेत में पकने के करीब है, ऐसे में इस आंधी ने आम को काफी नुकसान पहुंचाया है। इससे ये समय से पहले खत्म हो जाएंगे।
वहीं, हरी सब्जियां बारिश के मौसम यानी जून के अंतिम सप्ताह से महंगी होनी शुरू हो जाती है, क्योंकि बारिश से सब्जियों की फसल खराब होने लगती है। सोमवार और मंगलवार को हुई बारिश ने सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचाया है। इससे लत्ती वाले फसल जैसे नेनुआ, लौकी, कद्दू और करैला की फसल पर ज्यादा असर पड़ेगा। यह भी तय समय से पहले समाप्त हो सकती हैं।
सब्जियों के दाम गिरे
आंधी और बारिश का असर थोक मंडी और फुटकर बाजार में देखने को मिला। बुधवार को थोक मंडी में नेनुआ, लौकी और करैला आठ से 10 रुपये किलो बिके। भिंडी 10 से 12 रुपये, किलो और टमाटर भी 10 रुपये किलो बिके। वहीं, फुटकर बाजार में नेनुआ, लौकी और कद्दू 20 रुपये किलो करैला, भिंडी और टमाटर 25 से 30 रुपये किलो की दर से बिके।
कृषि वैज्ञानिक डॉ. शैलेंद्र सिंह ने कहा कि इस बारिश से आम और सब्जी के किसानों नुकसान पहुंचा है। लेकिन, बाकी किसानों के लिए यह बारिश फायदेमंद साबित होगी। बारिश से खेत नम हो गए हैं, इससे किसानों को जुताई करने में आसानी होगी।