बस्ती: 10 घंटे बाद अंत्येष्टि को राजी हुआ परिवार, मारपीट में बचाव करने के दौरान हुए थे घायल
मनौव्वल के बाद बिगवावीर गांव के पास दफन किया गया, घायल की मौत के बाद गांव में तनाव, पीएसी तैनात, पैकोलिया थाने के रेवटा हरिसरन शुक्ल गांव का मामला।
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बस्ती जिले के पैकोलिया थानाक्षेत्र के रेवटा हरिसरन शुक्ल गांव में कोटे का खाद्यान्न वितरण के दौरान हुई मारपीट में घायल पवन की मौत होने के बाद गांव में तनाव फैल गया। मामले में नामजद सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, सरकारी मुआवजा, मुकदमे की विवेचना अन्य सीओ से कराने व अन्य मांग को लेकर परिवार के लोगों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। जिससे पुलिस प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए हर्रैया, गौर, छावनी, दुबौलिया थाने की फोर्स के अलावा पीएसी बुला ली गई।
एडीएम अभय कुमार मिश्र, एएसपी दीपेंद्र नाथ चौधरी, एसडीएम हर्रैया सुखबीर सिंह, सीओ शेषमणि उपाध्याय भी पहुंच गए। पवन की पत्नी खुशबू ने आरोपियों की गिरफ्तारी, सरकारी मुआवजा, आवास और जमीन उपलब्ध कराने की मांग रखी। जिस पर प्रशासन ने उसे उचित मांगों को शीघ्र ही पूरी कराने और सभी आरोपियों को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया।
साथ ही पुलिस ने एक आरोपी सुनील मिश्र की गिरफ्तारी हो जाने की जानकारी दी। मामले की विवेचना किसी अन्य क्षेत्राधिकारी से कराने की मांग को भी मान लेने के बाद परिवार के लोगों ने 10 घंटे बाद शव को बिगवाबीर नामक स्थान पर दफन कर दिया। तब जाकर प्रशासन ने राहत की सांस ली। एएसपी ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी हो जाने तक एक प्लाटून पीएसी और थाने की फोर्स गांव में कैंप करेगी।
यह है मामला
रेवटा हरिसरन शुक्ल गांव के कोटेदार रामलगन का बेटा रामअशीष 23 जुलाई को कार्डधारकों को राशन वितरण कर रहा था। आरोप है कि उसी दौरान रेवटा खड़गबहादुर शाही गांव के अनिल शुक्ल से विवाद हो गया। उस समय जातिसूचक गालियां देते हुए चले गए। करीब 20 मिनट बाद अपने साथ अन्य लोगों को लेकर फिर आए और लाठी-डंडे से कोटेदार के बेटे को पीटने लगे।
वहां मौजूद 29 वर्षीय पवन पुत्र रामसंवारे बीचबचाव करने लगा, जिसके चक्कर में पवन को भी लोगों ने पीट दिया। गंभीर रुप से घायल होने पर पवन का इलाज मेडिकल कॉलेज लखनऊ में चल रहा था। पुलिस ने कोटेदार की तहरीर पर आठ नामजद और चार अज्ञात पर मुकदमा पंजीकृत कर विवेचना सीओ हर्रैया को सौंप दिया था।
दो दिन बाद आरोपी अंकित और दुर्गेश को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेजा। इसी बीच घटना के 12वें दिन बुधवार को पवन कुमार ने दम तोड़ दिया। गुरुवार सुबह करीब 5:00 बजे शव लेकर कर परिवार के लोग गांव पहुंचे थे।