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Gorakhpur News: मकर संक्रांति कल, जानिए कबसे अर्पित कर सकते हैं खिचड़ी- खरमास का होगा समापन
Wed, 14 Jan 2026 12:30 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 14 Jan 2026 12:30 AM IST
सार
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि सूर्य मकर राशि में बुधवार की रात 09:38 के बाद प्रवेश करेंगे। इसके बाद मकर संक्रांति होगी।
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मकर संक्रांति 2026
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
मकर संक्रांति बृहस्पतिवार को धूमधाम से मनाई जाएगी। सूर्य के मकर राशि में पहुंचने पर श्रद्धालु गुरु गोरक्षनाथ को खिचड़ी अर्पित करेंगे। इस दिन से एक महीने से चल रहा खरमास समाप्त होगा। शुभ कार्य 15 जनवरी के बाद से शुरू हो जाएंगे। शुक्र अस्त रहने के कारण मांगलिक कार्य एक फरवरी से हाेंगे।
गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि सूर्य मकर राशि में बुधवार की रात 09:38 के बाद प्रवेश करेंगे। इसके बाद मकर संक्रांति होगी। मकर संक्रांति का पुण्य काल माघ कृष्ण द्वादशी 15 जनवरी को दोपहर 01:39 बजे तक रहेगा।
उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से तीन घंटे पहले 03:42 बजे से खिचड़ी अर्पित कर सकते हैं। इसके एक दिन पहले 14 जनवरी को एकादशी व्रत भी श्रद्धालु रहेंगे। वहीं ज्योतिर्विद डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि मकर संक्रांति में पवित्र नदियों में स्नान व दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन से शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।
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गोरखनाथ संस्कृत विद्यापीठ के ज्योतिष विभागाध्यक्ष डॉ. दिग्विजय शुक्ल ने बताया कि सूर्य मकर राशि में बुधवार की रात 09:38 के बाद प्रवेश करेंगे। इसके बाद मकर संक्रांति होगी। मकर संक्रांति का पुण्य काल माघ कृष्ण द्वादशी 15 जनवरी को दोपहर 01:39 बजे तक रहेगा।
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उन्होंने बताया कि ब्रह्म मुहूर्त में सूर्योदय से तीन घंटे पहले 03:42 बजे से खिचड़ी अर्पित कर सकते हैं। इसके एक दिन पहले 14 जनवरी को एकादशी व्रत भी श्रद्धालु रहेंगे। वहीं ज्योतिर्विद डॉ. जोखन पांडेय ने बताया कि मकर संक्रांति में पवित्र नदियों में स्नान व दान का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन से शुभ कार्य शुरू हो जाते हैं।
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