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Gorakhpur News: राजकुमार चौहान हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई, नौ आरोपियों पर गैंगस्टर
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- अवैध संपत्तियों की होगी जब्ती, गट्टू यादव को बनाया गया गैंग लीडर
हाईकोर्ट से रिहा हो चुका है मुख्य आरोपी लालजी यादव, अब दी जा रही दबिश
गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवां निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुधवार को लालजी उर्फ गट्टू यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती की कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।
एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में लालजी उर्फ गट्टू यादव को गैंग लीडर बनाया गया है। इसके अलावा राज चौहान उर्फ निरहू, विपिन यादव, दीपक गौड़, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव, मनीष यादव और सचिन यादव को आरोपी नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, राज चौहान और विपिन यादव की भूमिका हत्या में सामने आई थी, जबकि अन्य आरोपियों पर साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने का आरोप है। सभी पर गैंगस्टर लगाया गया है। आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों और संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जल्द ही अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। लालजी को हाईकोर्ट पहले ही रिहा कर चुका है। अब दोबारा गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
बता दें कि बीते 17 मार्च की सुबह बरगदवां निवासी राजकुमार चौहान पर गोली और चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद उनकी पत्नी सुशीला देवी ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में इनके खिलाफ अभी तक ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हें क्लीनचिट दी जा सकती है। हत्याकांड की विवेचना चिलुआताल पुलिस से हटाकर गोरखनाथ पुलिस को सौंपी गई है।
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मामले की जांच गोरखनाथ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह की निगरानी में की जा रही है। पीड़िता ने पार्षद समेत अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए विवेचना स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच ट्रांसफर करने का फैसला लिया।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को माना अवैध
आरोपी लालजी यादव उर्फ गट्टू की गिरफ्तारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया था। कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने जिला जज और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ को जांच अधिकारी के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।
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हाईकोर्ट से रिहा हो चुका है मुख्य आरोपी लालजी यादव, अब दी जा रही दबिश
गोरखपुर। चिलुआताल क्षेत्र के बरगदवां निवासी प्रॉपर्टी डीलर राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने सख्त कार्रवाई करते हुए बुधवार को लालजी उर्फ गट्टू यादव समेत नौ आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस अब आरोपियों की अवैध संपत्तियों को चिह्नित कर जब्ती की कार्रवाई की तैयारी में जुट गई है।
एसपी उत्तरी ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि गैंगस्टर एक्ट के तहत दर्ज मुकदमे में लालजी उर्फ गट्टू यादव को गैंग लीडर बनाया गया है। इसके अलावा राज चौहान उर्फ निरहू, विपिन यादव, दीपक गौड़, शेषनाथ यादव, अंकित यादव, देवव्रत यादव, मनीष यादव और सचिन यादव को आरोपी नामजद किया गया है। पुलिस के मुताबिक, राज चौहान और विपिन यादव की भूमिका हत्या में सामने आई थी, जबकि अन्य आरोपियों पर साजिश रचने और साक्ष्य छिपाने का आरोप है। सभी पर गैंगस्टर लगाया गया है। आरोपियों की आपराधिक गतिविधियों और संपत्तियों का ब्योरा जुटाया जा रहा है। जल्द ही अवैध तरीके से अर्जित संपत्तियों पर कार्रवाई की जाएगी। लालजी को हाईकोर्ट पहले ही रिहा कर चुका है। अब दोबारा गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
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बता दें कि बीते 17 मार्च की सुबह बरगदवां निवासी राजकुमार चौहान पर गोली और चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। घटना के बाद उनकी पत्नी सुशीला देवी ने दीपक गौड़, धर्मदेव चौहान, लालजी यादव उर्फ गट्टू, धरमपाल चौहान, अमर सिंह चौधरी, मोनू पांडेय, सत्येंद्र चौधरी उर्फ टिल्लू, अभय पांडेय समेत अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। जांच में इनके खिलाफ अभी तक ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। सूत्रों का कहना है कि इन्हें क्लीनचिट दी जा सकती है। हत्याकांड की विवेचना चिलुआताल पुलिस से हटाकर गोरखनाथ पुलिस को सौंपी गई है।
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मामले की जांच गोरखनाथ थाना प्रभारी इंस्पेक्टर विजय सिंह की निगरानी में की जा रही है। पीड़िता ने पार्षद समेत अन्य आरोपियों को बचाने का आरोप लगाते हुए विवेचना स्थानांतरित करने की मांग की थी। इसके बाद अधिकारियों ने जांच ट्रांसफर करने का फैसला लिया।
हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी को माना अवैध
आरोपी लालजी यादव उर्फ गट्टू की गिरफ्तारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने अवैध करार दिया था। कोर्ट ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई करते हुए आरोपी को तत्काल रिहा करने का आदेश दिया था। अदालत ने कहा था कि गिरफ्तारी के दौरान निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया। हाईकोर्ट ने जिला जज और एसएसपी डॉ. कौस्तुभ को जांच अधिकारी के खिलाफ कर्तव्य में लापरवाही की जांच शुरू करने का निर्देश दिया है।