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महुआतर ओवरब्रिज: वैकल्पिक मार्ग के दोनों मुहाने किए बराबर, बाकी पर गड्ढे बरकरार
Sat, 18 Mar 2023 02:58 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 18 Mar 2023 02:58 PM IST
सार
दिसंबर 2021 में महुआतर-बालापार- टिकरिया मार्ग पर महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास 84.57 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है।
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महुआतार से महेसरा के पास मुख्य मार्ग से जोड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
महुआतर-टिकरिया मार्ग के आसपास के क्षेत्रों की बड़ी आबादी की समस्या में मामूली सुधार हुआ है। स्थानीय लोगों ने तीन दिन पहले महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास से होकर महेसरा पुल के पास मुख्य मार्ग से जुड़ने वाले वैकल्पिक मार्ग पर जगह-जगह गड्ढों को लेकर विरोध जताया था। इसके बाद सेतु निगम ने इस कच्चे मार्ग के दोनों मुहानों पर 15-15 मीटर तक में फैले गड्ढों को तो मिट्टी और राख से बराबर कर दिया है, मगर बाकी गड्ढे जस के तस हैं।
स्थानीय लोगों के मुताबिक, विभाग ने सिर्फ एक ट्राली मिट्टी और राख डालकर खानापूर्ति कर दी। अभी तो गिरते-पड़ते लोग इस रास्ते से चल भी ले रहे हैं मगर बारिश में मुश्किल और बढ़ जाएगी। कच्चा मार्ग होने की वजह से कीचड़ फैल जाने से चलना मुमकिन नहीं होगा। लोग सेतु निगम के अधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि ओवरब्रिज बन जाने तक कच्चे मार्ग को चलने लायक बना दिया जाए।
इसे भी पढ़ें: नकहा-बरगदवा ओवरब्रिज: मुआवजे का झंझट, इस साल भूल जाइए ओवरब्रिज, फंसा पेंच
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दिसंबर 2021 में महुआतर-बालापार- टिकरिया मार्ग पर महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास 84.57 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। सेतु निगम के मुताबिक 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। बिना वैकल्पिक मार्ग दिए इस ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करा देने से एक साल से अधिक समय से हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास से एक कच्चा रास्ता है जो महेसरा ओवरब्रिज के पास जाकर मिलता है। इसी रास्ते का हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। मगर, इस सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि चलना मुश्किल है। ग्रामीणों का आरोप है की साल भर से अनुरोध करने के बाद भी इस रास्ते को दुरुस्त नहीं कराया गया। तीन दिन पहले, सिर्फ सड़क के दोनों मुहाने पर कुछ ही दूरी तक के गड्ढे बराबर किए गए।
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स्थानीय लोगों के मुताबिक, विभाग ने सिर्फ एक ट्राली मिट्टी और राख डालकर खानापूर्ति कर दी। अभी तो गिरते-पड़ते लोग इस रास्ते से चल भी ले रहे हैं मगर बारिश में मुश्किल और बढ़ जाएगी। कच्चा मार्ग होने की वजह से कीचड़ फैल जाने से चलना मुमकिन नहीं होगा। लोग सेतु निगम के अधिकारियों से अपील कर रहे हैं कि ओवरब्रिज बन जाने तक कच्चे मार्ग को चलने लायक बना दिया जाए।
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दिसंबर 2021 में महुआतर-बालापार- टिकरिया मार्ग पर महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास 84.57 करोड़ की लागत से ओवरब्रिज का निर्माण शुरू हुआ। दिसंबर 2023 में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। सेतु निगम के मुताबिक 75 फीसदी काम पूरा हो गया है। बिना वैकल्पिक मार्ग दिए इस ओवरब्रिज का निर्माण शुरू करा देने से एक साल से अधिक समय से हजारों लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
महुआतर रेलवे क्रासिंग के पास से एक कच्चा रास्ता है जो महेसरा ओवरब्रिज के पास जाकर मिलता है। इसी रास्ते का हर कोई इस्तेमाल कर रहा है। मगर, इस सड़क पर इतने बड़े-बड़े गड्ढे हैं कि चलना मुश्किल है। ग्रामीणों का आरोप है की साल भर से अनुरोध करने के बाद भी इस रास्ते को दुरुस्त नहीं कराया गया। तीन दिन पहले, सिर्फ सड़क के दोनों मुहाने पर कुछ ही दूरी तक के गड्ढे बराबर किए गए।