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गोरखपुर: ग्राम विकास का मॉडल विकसित करेगा महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय, इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के साथ हुआ करार

Wed, 01 Jun 2022 09:19 PM IST
Vikas Kumar अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर Published by: Vikas Kumar Updated Wed, 01 Jun 2022 09:19 PM IST
सार

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और आईईसीएसएमई के महालक्ष्मी ठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित एमओयू को विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी और आईईसीएसएमई के अध्यक्ष विजय तिवारी ने एक-दूसरे को सौंपा। 

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mahayogi gorakhnath university will develop a model of village development agreement signed with indo european chamber of small and medium enterprises
महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय और इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के बीच हुआ करार - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय ने ग्राम विकास का मॉडल विकसित करने के लिए पाठ्यक्रम तैयार कर संचालित करने और इस संबंध में शोध को बढ़ावा देने की दिशा में कदम बढ़ा दिए हैं। इसे लेकर विश्वविद्यालय और इंडो यूरोपियन चैंबर ऑफ स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (आईईसीएसएमई), नई दिल्ली के बीच बुधवार को करार हुआ। इस करार का लक्ष्य कृषि एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का संवर्धन कर ग्रामीण उत्तर प्रदेश के लिए एक लाख करोड़ रुपये की निवेश योजनाओं को क्रियान्वित करने का है। दोनों संस्थाओं ने उत्तर प्रदेश सरकार के पंडित दीनदयाल उपाध्याय राष्ट्रीय ग्रामीण प्रशिक्षण संस्थान के सहयोग से ग्राम पंचायतों को स्वायत्त बनाने के विविध परिप्रेक्ष्यों को लेकर एमओयू का आदान-प्रदान किया। 

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महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. प्रदीप कुमार राव और आईईसीएसएमई के महालक्ष्मी ठाकुर द्वारा हस्ताक्षरित एमओयू को विश्वविद्यालय के कुलपति मेजर जनरल डॉ. अतुल वाजपेयी और आईईसीएसएमई के अध्यक्ष विजय तिवारी ने एक-दूसरे को सौंपा। एमओयू के अनुसार दोनों संस्थाएं ग्राम पंचायतों के संसाधनों का उपयोग गांवों में ही करते हुए उन्हें स्वायत्त बनाते हुए ग्राम विकास का मॉडल विकसित करेंगी। इसके माध्यम से कृषि एवं कृषि आधारित अर्थव्यवस्था का भी उन्नयन होगा। दोनों संस्थान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मिशन कर्मयोगी और राष्ट्रीय कामधेनु आयोग की संस्तुतियों के आलोक में कदम आगे बढ़ाएंगे। एमओयू में आयुर्वेद समेत आयुष की अन्य पद्धतियों, ध्यान आसान और प्राणायाम आदि के जरिये ग्रामीण जनता को आरोग्यता प्रदान करने पर भी जोर दिया गया है। 
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मॉडल विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय
सिर्फ डिग्री उपलब्ध कराने वाली संस्था से अलग महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय समाज, राज्य व राष्ट्र हित में कई अभिनव पहल करते हुए मॉडल विश्वविद्यालय बनने की ओर अग्रसर है। मुख्यमंत्री एवं गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ इस विश्वविद्यालय के कुलाधिपति हैं और विश्वविद्यालय उनकी मंशा के अनुरूप विकास, रोजगार, आरोग्यता, समाज सेवा, शैक्षिक उन्नयन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता आदि को लेकर लगातार कदम बढ़ा रहा है। इस सिलसिले में अलग-अलग विषयों पर इस विश्वविद्यालय का आयुर्वेद क्षेत्र की विश्व प्रतिष्ठित कम्पनी वैद्यनाथ आयुर्वेद, उद्यमिता विकास संस्थान अहमदाबाद, दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय, महायोगी गुरु गोरखनाथ विश्वविद्यालय आदि से भी पूर्व में करार हो चुका है।

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