फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   Mahashivaratri is being celebrated with pomp in Gorakhpur

Mahashivratri 2023: गोरखपुर में धूमधाम से मनाई जा रही है महाशिवरात्रि, हर-हर महादेव से गूंजे शिवालय

Sat, 18 Feb 2023 10:36 AM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Sat, 18 Feb 2023 10:36 AM IST
सार

ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। शास्त्र के अनुसार जिस दिन अर्द्धरात्रि में चतुदर्शी हो, उसी दिन शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए। जो व्यक्ति शिवरात्रि को निर्जला व्रत रहकर जागरण और रात्रि के चारों प्रहरों में चार बार पूजा करता है, वह शिव की कृपा को प्राप्त करता है।

विज्ञापन
Mahashivaratri is being celebrated with pomp in Gorakhpur
महाशिवरात्रि। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

भगवान शिव की उपासना का महापर्व महाशिवरात्रि शनिवार को श्रद्धा, भक्ति और हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। श्रद्धालु महादेव की भक्ति में रमे हुए हैं। भोर से ही शिवालय महादेव के जयघोष से गूंज रहे हैं।

विज्ञापन


महाशिवरात्रि के मद्देनजर महानगर के विभिन्न शिव मंदिरों और शिवालयों को सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर समितियों के स्वयंसेवकों ने भी अपनी तैयारियां पूरी कर ली थी। मंदिरों में बैरिकेडिंग की गई है। शुक्रवार को ही सभी प्रमुख शिवालयों पर तैयारी हो गई थी।
विज्ञापन


बाजार में भी काफी चहल-पहल देखी जा रही है। लोग भांग, धतूरा, बेलपत्र, बेर व रसभरी आदि भगवान शिव को चढ़ा कर खुश करने में जुटे हुए हैं। शहर के प्रमुख मंदिरों और शिवालयों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन


महादेव झारखंडी, मुक्तेश्वर नाथ मंदिर, मानसरोवर मंदिर, बगहा बाबा मंदिर, छोटे काजीपुर स्थित शिव मंदिर, धर्मशाला बाजार शिव मंदिर, जटाशंकर मंदिर, शिव मंदिर सूरजकुंड, मुंजेश्वरनाथ मंदिर, शिव मंदिर भरवलिया, बेतियाहाता हनुमान मंदिर, शिवपुरी शिव मंदिर, बड़े काजीपुर स्थित शिव मंदिर, मेडिकल रोड स्थित शिव मंदिर आदि मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ है।

 

बन रहा है सर्वार्थसिद्ध योग

ज्योतिषाचार्य मनीष मोहन ने बताया कि वाराणसी से प्रकाशित हृषीकेश पंचांग के अनुसार शनिवार त्रयोदशी तिथि का मान शाम पांच बजकर 43 मिनट तक, पश्चात चतुर्दशी तिथि है। उत्तराषाढ़ नक्षत्र दिन में तीन बजकर 34 मिनट तक पश्चात श्रवण नक्षत्र है। इस दिन व्यतिपात योग शाम पांच बजकर 54 मिनट पश्चात विमान योग और चंद्रमा की स्थिति मकर राशिगत है।

शाम तीन बजकर 34 मिनट से संपूर्ण रात्रि पर्यंत सर्वार्थसिद्धियोग भी है। इस दिन बन रहा व्यतिपात योग और सर्वार्थसिद्ध योग मनोकामनाओं को पूरा करने के साथ ही पूजन का कई गुना फल देने वाला होगा।

व्रत का महात्म्य
ज्योतिर्विद पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। शास्त्र के अनुसार जिस दिन अर्द्धरात्रि में चतुदर्शी हो, उसी दिन शिवरात्रि का व्रत करना चाहिए। जो व्यक्ति शिवरात्रि को निर्जला व्रत रहकर जागरण और रात्रि के चारों प्रहरों में चार बार पूजा करता है, वह शिव की कृपा को प्राप्त करता है। शिवरात्रि महात्म्य में लिखा है कि शिवरात्रि से बढ़कर कोई दूसरा व्रत नहीं है।

ऐसे करें पूजन
पंडित शरद चंद्र मिश्र के अनुसार शिवरात्रि के दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प करें। व्रत रखकर किसी शिव मंदिर या अपने घर में नर्मदेश्वर की मूर्ति अथवा पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर समस्त पूजन सामग्री एकत्र कर आसन पर विराजमान होकर ‘मम इह जन्मनि जन्मान्तरेवार्जित सकल पाप क्षयार्थं आयु-आरोग्य-ऐश्वर्य-पुत्र-पौत्रादि सकल कामना सिद्धिपूर्वक अन्ते शिवसायुज्य प्राप्तये शिवरात्रिव्रत साड्गता सिध्यर्थं साम्बसदाशिव पूजनम करिष्ये। मंत्र जप करते हुए स्थापित शिवमूर्ति की षोडशोपचार पूजा करें।

आक, कनेर, विल्वपत्र और धतूरा, कटेली आदि अर्पित करें। रुद्रीपाठ, शिवपुराण, शिवमहिम्नस्तोत्र, शिव संबंधित अन्य धार्मिक कथा सुनें। रुद्रभिषेक करा सकें, तो अत्यंत उत्तम है। रात्रि जागरण कर दूसरे दिन प्रात: काल शिवपूजा के पश्चात जौ, तिल और खीर से ‘त्र्यम्बकं यजामहे’ या ‘ऊं नम: शिवाय’ आदि मंत्रों का जाप कर यज्ञशाला में 108 आहुतियां दें। ब्राह्मणों या शिवभक्तों को भोजन कराएं और दक्षिणा देकर विदा करें फिर स्वयं भोजन कर व्रत का पारण करें।




 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed