{"_id":"5f66438db641ec21b8421f21","slug":"maharajganj-french-family-reached-kolhua-again-after-25-days","type":"story","status":"publish","title_hn":"महाराजगंज : 25 दिन बाद फिर कोल्हुआ पहुंचा फ्रांसीसी परिवार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महाराजगंज : 25 दिन बाद फिर कोल्हुआ पहुंचा फ्रांसीसी परिवार
Sat, 19 Sep 2020 11:14 PM IST
Mohit Mudgal
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर
Published by: Mohit Mudgal
Updated Sat, 19 Sep 2020 11:14 PM IST
विज्ञापन
कोल्हुआ में फिर पहुंचा फ्रांसीसी परिवार
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लक्ष्मीपुर क्षेत्र के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां शिव मंदिर परिसर में फ्रांसीसी परिवार शनिवार की शाम को फिर पहुंचा। उत्तराखंड में 25 दिन भ्रमण के बाद फिर से फ्रांसीसी परिवार को महराजगंज जिले की याद आई और यहां पर भी चले आए l
विज्ञापन
बीते पांच माह निवास करने के बाद फ्रांसीसी परिवार दिल्ली जाने से पूर्व जिलाधिकारी से मिलकर उत्तराखण्ड पर्यटन के लिए अनुमति मांगी थीl 26 अगस्त को फ्रांसीसी सपरिवार अपनी बडी बेटी ओफली का स्वास्थ परीक्षण कराने के बाद दिल्ली के लिए रवाना हुआ।
विज्ञापन
दिल्ली से आवश्यक कार्य निपटाने के बाद परिवार रास्ते मे पर्यटक स्थलों का निरीक्षण करते व दुरिज्म का लुत्फ उठाते हुए उतराखंड के प्रमुख स्थलों सहित धार्मिक स्थलों का दर्शन कर पुनः 25 दिनो बाद लक्ष्मीपुर ब्लाक के कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां में शनिवार को देर शाम अपने वाहन व ट्राली से पैलेरस पैट्रिक जोसेफ, पैलेरस वर्गनी कार, बेटी ओफली व लोला जेनिफर, बेटा पैलेरस टाम व फ्रांसीसी परिवार का खास संजय यादव के साथ कोल्हुआ उर्फ सिंहोरवां मे पहुंचा।
विज्ञापन
गांव मे पहुचते ही चाहने वाले व खास स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं व बच्चों ने घेरकर कुशलक्षेम पूछा व जलपान भी कराया| फ्रांसीसी परिवार व स्थानीय लोगों मे एक दूसरे से मिलकर काफी खुश रहे। बता दें कि फ्रांस के टूलूज शहर से देशाटन पर निकला फ्रांसीसी परिवार पहली मार्च 20 को बाघा बार्डर होते हुए भारत में आया। जिन्हें भारत भ्रमण के बाद नेपाल जाना था। लेकिन कोराना संक्रमण के कारण नेपाल सीमा सील होने की दशा में परिवार कोल्हुआ उर्फ सिहोंरवा स्थित एक मंदिर में 22 मार्च 20 को अपना आशियाना बना लिया। जिसके बाद बीजा अवधि बढ़ाने को लेकर दिल्ली दूतावास संपर्क करने गये थे| इसके बाद उत्तराखंड भ्रमण पर गए वहां से फिर वापस चले आए।