महराजगंज: कांग्रेसी नेता घर में नजरबंद, कई कार्यकर्ता हिरासत में
महराजगंज जिले में कृषि कानून के विरोध में कांग्रेसियों ने प्रदर्शन का ऐलान किया था। जिसे लेकर पुलिस सतर्क हो गई। बुधवार को सुबह से ही पुलिस ने पार्टी कार्यालय पर डेरा डाल दिया। इसके अलावा पुलिस ने सुबह ही पार्टी के जिला स्तरीय बड़े नेताओं को उनके घर पर ही नजरबंद कर दिया।
इसके बाद कुछ कार्यकर्ता किसी तरह पार्टी कार्यालय पहुंचकर ताली, थाली बजाकर विरोध करने की कोशिश किए तो उन्हें पुलिस ने हिरासत में लेकर आईटीएम कॉलेज चेहरी भेज दिया। बाद में उन्हें रिहा कर दिया गया। इस बीच कार्यकर्ताओं ने सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की।
बुधवार को जिला कांग्रेस कमेटी कार्यालय पर कृषि कानून के विरोध में प्रदर्शन करने के लिए कुछ कार्यकर्ता एकत्र हुए। इसके पहले ही पुलिस वहां पहुंच चुकी थी। कार्यालय के बाहर पुलिस कर्मियों का कड़ा पहरा रहा। कार्यालय में अंदर बैठक करने के बाद कार्यकर्ता ज्योंही हाथ में थाली लेकर बाहर निकले, त्योंही पुलिस ने उन्हें घेर लिया। ऐसे में कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन करने लगे।
थोड़ी ही देर में पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर बस से आईटीएम कॉलेज चेहरी भेज दिया। कांग्रेसी नेता नवीन चंद त्रिपाठी ने कहा कि सरकार खाकी खौफ दिखाकर डराने की कोशिश कर रही है। लेकिन कांग्रेसी डरने वाले नहीं है।
इन नेताओं को लिया गया हिरासत में
जिला महासचिव दीप कुमार शाही ने कहा कि किसान विरोध सरकार को सत्ता में बने रहने का कोई हक नहीं है। राकेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कांग्रेसियों का आन्दोलन थमने वाला नहीं है। किसानो के हित के लिए कांग्रेस संर्घष कर रही है। कृषि कानून को वापस लेना होगा। सदर कोतवाल मनीष सिंह ने बताया कि हिरासत में लिए 18 कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को कुछ बाद छोड़ दिया गया। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस सभी प्रमुख स्थानो पर सतर्क रही।
विनोद सिंह, नूर आलम, दीप कुमार शाही, राकेश कुमार गुप्ता, अकरम सलमानी, आफताब, जग्गु प्रसाद, सुबाष, सर्वेश, रविंद्र, नवीन, उमेश, सूर्य प्रताप, राकेश, अशोक, संदीप, रिजवान आदि को हिरासत में लेकर बाद में छोड़ा गया।
किसानों के लिए संर्घष जारी रहेगा-अवनीश
कांग्रेस जिलाध्यक्ष अवनीश पाल को उनके पैतृक गांव रम्हौली में ही नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि किसानों के हित के लिए संर्घष जारी रहेगा। कांग्रेसी किसी से डरने वाले नहीं है। पुलिस का पहरा लगाकर आंदोलन को दबाने की कोशिश कभी कामयाब नहीं होगी। कृषि कानून के विरोध में आंदोलन तेज किया जाएगा। उन्होंने पार्टी के तमाम वरिष्ठ नेताओं को पुलिस से घर पर ही नजरबंद कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की।