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Gorakhpur News: माफिया विनोद उपाध्याय का साथी गिरफ्तार, एक ने कोर्ट में किया समर्पण

Fri, 28 Apr 2023 02:41 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 28 Apr 2023 02:41 AM IST
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Mafia Vinod Upadhyay's accomplice arrested, one surrendered in court
- प्रदेश के माफिया की सूची में शामिल गोरखपुर के विनोद उपाध्याय के गिरोह पर 2020 में दर्ज हुआ था गैंगस्टर का केस
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- तीन साल से फरार दीपक और कमलाकांत फिर जेल में पहुंचे, संपत्तियों का जुटाया जा रहा ब्योरा
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रदेश के माफिया की सूची में शामिल विनोद उपाध्याय गिरोह के दीपक यादव को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार कर लिया। जबकि, पुलिस का दबाव बढ़ने पर उसके दूसरे साथी कमलाकांत पांडेय ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया। दोनों आरोपियों को कोर्ट से न्यायिक अभिरक्षा में फिर से जेल भेजा गया। कोतवाली पुलिस ने 2020 में विनोद उपाध्याय के गिरोह पर गैंगस्टर की कार्रवाई की थी। माफिया विनोद इस समय जमानत पर रिहा है और लखनऊ में है। दीपक कजाकपुर, जबकि कमलाकांत गीडा का निवासी है।

जानकारी के मुताबिक, धर्मशाला निवासी विनोद उपाध्याय पर हत्या, अपहरण, जालसाजी, हत्या के प्रयास समेत 20 से ज्यादा केस गोरखपुर सहित अन्य जनपदों में दर्ज हैं। वह गोरखपुर जिले के टॉप टेन माफिया की सूची में शामिल है। एसपी ने बताया कि 21 जुलाई 2020 को तत्कालीन कोतवाल जयदीप वर्मा की तहरीर पर कोतवाली थाने में माफिया विनोद उपाध्याय के गिरोह पर गैंगस्टर का केस दर्ज किया था। गिरोह में विनोद लीडर है तो वहीं गुर्गे के रूप में कमलाकांत पांडेय, दीपक यादव, बेलीपार का हरदिया पिछौरा निवासी अजय गुप्ता उर्फ बबलू, गोरखनाथ निवासी मनोज जायसवाल का नाम शामिल है। तभी से दीपक व कमलाकांत फरार थे। कमलाकांत ने कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया और दीपक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
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जमीन कब्जा के लिए अपहरण और हत्या में गिरोह शामिल
एसपी सिटी ने बताया कि इनके गिरोह का काम जबरन जमीनों पर कब्जा करना व हत्या करना है। इन लोगो ने कैंट थाने में वर्ष 2017 में विवेचक को गुमराह कर एक फर्जी मुकदमा दर्ज कराया था। विवेचना में आरोपी निर्दोष मिले, जिसके बाद विनोद व उसके साथियों पर जालसाजी व साजिश रचने का केस दर्ज हुआ था। जिसमे कोर्ट में आरोप पत्र भी दाखिल हो चुका है। इसी प्रकार विनोद के 2020 के एक मुकदमे में भी आरोप पत्र दाखिल हो चुका है, जिसका ट्रायल चल रहा है। अब गैंगस्टर के मुकदमे में भी इन दोनों के जेल जाने के बाद ट्रायल शुरू कराया जाएगा। विनोद व उसके गिरोह के कई गुर्गों की संपत्ति भी जब्त हो चुकी है।
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पीडब्ल्यूडी हत्याकांड में शामिल रहा है विनोद
विनोद उपाध्याय गिरोह ने ही शहर का चर्चित पीडब्ल्यूडी हत्याकांड कर सनसनी फैला दी थी। इस घटना में दिनदहाड़े पीडब्ल्यूडी कैंपस में दो पक्षों में फायरिंग हुई थी। जिसमें रिपुंजय राय समेत 3 लोग मारे गए थे। विनोद ने लालबहादुर यादव की भी गाड़ी पर फायरिंग कर हत्या की थी। वहीं, जेल से छूटे एक व्यक्ति को संतकबीरनगर में गोली मारकर इसने हत्या की थी।
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