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जहां बनना था नाला, वहां बना दी नाली

Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 01 Oct 2020 11:45 PM IST
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जहां बनना था नाला, वहां बना दी नाली
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देवरिया। शहर में जलभराव का एकमात्र कारण सिल्ट नहीं है। समूचे व्यवस्था पर गौर करें तो जगह-जगह खामियां नजर आ रही हैं। नियत प्राधिकारी कार्यालय मास्टर प्लान का पालन कराने में नाकाम है तो नगर पालिका अपनी सड़कों की हिफाजत में फिसड्डी। अतिक्रमण के खेल में शहर की जल निकासी व्यवस्था फेल हो गई है। जिन इलाकों में चौड़ा नाला होना चाहिए वहां नालियों का निर्माण करा दिया गया है। जोरदार बारिश के बाद ये नालियां डूब जाती हैं। इसके चलते आए दिन शहर में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होते रहते हैं। पांच दिन पूर्व शहर वासियों की दुर्दशा का कारण ये संकरी नालियां ही रहीं।
मास्टर प्लान के नक्शे पर गौर करें और शहर की सड़कों का हाल जाने तो इसमें हर तरफ घालमेल ही नजर आ रहा है। कोऑपरेटिव चौराहा से हनुमान मंदिर को जाने वाली आधी सड़क अतिक्रमण की चपेट में है। संकरी नाली होने के कारण बरसात के समय अक्सर यहां जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। इसके अलावा तमाम ऐसी सड़कें हैं, जिनके किनारे नाली निर्माण की जगह नहीं है।

इन नालों का जरूरी है चौड़ीकरण
चिरैया ढाला से कुर्ना नाला तक, सुकन्या गैस एजेंसी से खरजरवा तक, सीसी रोड में पूरब पटरी का नाला, रागिनी मोड़ से भीखमपुर रोड नहर तक बने नालों के चौड़ीकरण की जरूरत है। इसके अलावा, रामगुलाम टोला पूर्वी, सोमनाथ नगर, चकियवां आदि मोहल्लों में मझोले नालों की दरकार है। कहीं बजट के अभाव तो कहीं जगह के अभाव में नालों का निर्माण नहीं हो पा रहा है।
प्रापर्टी डीलर भी बढ़ा रहे मुसीबत
शहर में इन दिनों प्रापर्टी डीलरों की बाढ़ सी आ गई है। नगर से लगायत सीमावर्ती गावों में प्लाटिंग कर जमीन के कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। तमाम ऐसे प्रापर्टी डीलर हैं जो बड़े-बड़े आवासीय व व्यवसायिक प्लाटों का नक्शा मनमर्जी बनाकर बेच रहे हैं। जहां 30 फुट की सड़क होनी चाहिए वहां महज 10 से 12 फुट लोग रास्ता छोड़कर घर बना रहे हैं। भवन निर्माण के बाद यहां नाला व सड़क निर्माण में बाधा उत्पन्न होती है।
शहर का नक्शा नगर पालिका के पास भी होता है। उनकी जिम्मेदारी है कि मानचित्र में दर्शाई गई सड़कों की हिफाजत स्वयं करें। नाला निर्माण सबसे किनारे होना चाहिए ताकि सड़क की जमीन कवर रहे। कई जगहों पर नगर पालिका ने बीच में नाला बना लिया है। जगह कम बचने पर सकरी सड़क का निर्माण किया गया है।
- राकेश कुमार, जेई विनियमित क्षेत्र।
सड़कों को अतिक्रमण मुक्त बनाने की जिम्मेदारी अकेले नगर पालिका की नहीं है। मास्टर प्लान के जेई मौके पर पहुंचकर निशान लगाते हैं। फिर नगर पालिका अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई करती है।- जयराम यादव, जेई नगर पालिका।

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