{"_id":"6acff71bc279c10c4d0e70c4","slug":"lured-by-promise-of-10-monthly-returns-swindled-out-of-crores-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1485551-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: 10 फीसदी मासिक रिटर्न का झांसा, करोड़ों की ठगी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: 10 फीसदी मासिक रिटर्न का झांसा, करोड़ों की ठगी
विज्ञापन
पादरी बाजार (गोरखपुर)। शाहपुर इलाके में आस्था ग्रुप की चार कंपनियों पर करोड़ों रुपये की ठगी का आरोप लगा है। इन कंपनियों ने आठ से 10 फीसदी मासिक मुनाफे का झांसा दिया था। शुरुआत में रॉयल्टी देने के बाद भुगतान बंद कर दिया गया। पीड़ितों को मूलधन लौटाने के लिए दिए गए पोस्ट डेटेड चेक एक्सपायर हो गए या बाउंस हो गए। अधिवक्ता संजय कुमार राय की तहरीर पर शाहपुर पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की है। कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी समेत पांच आरोपियों पर धोखाधड़ी की धाराओं में केस दर्ज हुआ है।
पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ लखनऊ, देवरिया, कानपुर, बिहार और झारखंड में भी प्राथमिकी दर्ज है। अविनाश सिंह खुद को आस्था रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड समेत चार कंपनियों का संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बताते थे। उन्होंने 50 हजार रुपये तक के निवेश पर आठ फीसदी मासिक मुनाफा और मूलधन वापसी का वादा किया। 50 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर 10 फीसदी मासिक मुनाफे का लालच दिया गया।
रकम मांगने पर संचालकों ने मोबाइल बंद कर लिए और भूमिगत हो गए। टेलीग्राम पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। जूम मीटिंग में पुलिस या कोर्ट जाने वालों को बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। ू
विज्ञापन
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ लखनऊ, देवरिया, कानपुर, बिहार और झारखंड में भी प्राथमिकी दर्ज है। अविनाश सिंह खुद को आस्था रिटेल्स प्राइवेट लिमिटेड समेत चार कंपनियों का संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी बताते थे। उन्होंने 50 हजार रुपये तक के निवेश पर आठ फीसदी मासिक मुनाफा और मूलधन वापसी का वादा किया। 50 हजार रुपये से अधिक के निवेश पर 10 फीसदी मासिक मुनाफे का लालच दिया गया।
विज्ञापन
रकम मांगने पर संचालकों ने मोबाइल बंद कर लिए और भूमिगत हो गए। टेलीग्राम पर धमकी भरे संदेश भेजे गए। जूम मीटिंग में पुलिस या कोर्ट जाने वालों को बर्बाद करने की धमकी भी दी गई। ू
विज्ञापन