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फेसबुक पर हुआ था प्रेम, किया था वादा- बाहर आकर करूंगी शादी
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प्रेमी अजय यादव के साथ अर्चना की फाइल फोटो।
- फोटो : GORAKHPUR CITY
फेसबुक पर हुआ था प्रेम, किया था वादा- बाहर आकर करूंगी शादी
गोरखपुर। अजय यादव से अर्चना की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। दोनों में प्रेम इस कदर बढ़ गया था कि बात अर्चना के पति और बेटे की हत्या तक पहुंच गई थी। हत्या वाले दिन अर्चना पति से सिर दर्द का बहाना बनाकर अलग कमरे में सोने चली गई थी। रात में प्रेमी के आने पर उसने ही दरवाजा खोला था।
दोनों ने मिलकर मुंह दबाया था और फिर सिर पर हमला कर पति ओमप्रकाश (32) को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के दौरान बेटा नितिन (5) जग गया था और डर कर मां की गोद में आ गया था। बेटा सब कुछ किसी को बता न दे इस वजह से अर्चना ने ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। हालांकि अजय ने बच्चे की हत्या का विरोध भी किया था, लेकिन अर्चना नहीं मानी।
पछतावा नहीं, जेल में भी एक-दूसरे से मिलने की देते रहे अर्जी
ओम प्रकाश से अर्चना की शादी 2010 में हुई थी। विवाह के डेढ़ साल बाद बेटा हुआ। परिवार की आंखों के तारे पांच साल के बेटे नितिन और ओम प्रकाश की हत्या के घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं था।
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दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
शहर का चर्चित हत्याकांड, उलझ गई थी पुलिस
जिस वक्त यह घटना हुई थी, उस समय सनसनी फैल गई थी। पुलिस को केस की विवेचना फूंक-फूंक कर करनी थी, क्योंकि मामला पूरी तरह से हाईप्रोफाइल था। अर्चना के पिता उस समय सीएम सिक्योरिटी में तैनात थे तो मृतक ओम प्रकाश के बड़े भाई यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं।
इस वजह से पुलिस को केस सुलझाने में थोड़ा समय जरूर लगा था, मगर साक्ष्यों के साथ आरोपित पकड़े गए थे जिस वजह से शनिवार को सजा हो गई।
देखने को कचहरी के अंदर-बाहर जुट गई थी भीड़
दोनों आरोपितों को 23 जनवरी 2016 को कोर्ट में पुलिस ने पेश किया था। इसके पहले प्रेस कांफ्रेंस की जा चुकी थी और लोग जान चुके थे कि मासूम बेटे और पति की कातिल अर्चना ही है। उसे और उसके प्रेमी को देखने के लिए अधिवक्ता ही नहीं, आम लोगों की भीड़ भी जुट गई थी। तब पुलिस ने दोनों आरोपितों का चेहरा लोगों को दिखाया, फिर लोग वहां से हटे।
अंधे प्रेम में बन बैठे हत्यारे
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है।
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गोरखपुर। अजय यादव से अर्चना की दोस्ती फेसबुक के जरिए हुई थी। दोनों में प्रेम इस कदर बढ़ गया था कि बात अर्चना के पति और बेटे की हत्या तक पहुंच गई थी। हत्या वाले दिन अर्चना पति से सिर दर्द का बहाना बनाकर अलग कमरे में सोने चली गई थी। रात में प्रेमी के आने पर उसने ही दरवाजा खोला था।
दोनों ने मिलकर मुंह दबाया था और फिर सिर पर हमला कर पति ओमप्रकाश (32) को मौत के घाट उतार दिया था। इस घटना के दौरान बेटा नितिन (5) जग गया था और डर कर मां की गोद में आ गया था। बेटा सब कुछ किसी को बता न दे इस वजह से अर्चना ने ही उसकी गला दबाकर हत्या कर दी थी। हालांकि अजय ने बच्चे की हत्या का विरोध भी किया था, लेकिन अर्चना नहीं मानी।
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पछतावा नहीं, जेल में भी एक-दूसरे से मिलने की देते रहे अर्जी
ओम प्रकाश से अर्चना की शादी 2010 में हुई थी। विवाह के डेढ़ साल बाद बेटा हुआ। परिवार की आंखों के तारे पांच साल के बेटे नितिन और ओम प्रकाश की हत्या के घिनौने कृत्य के बाद भी अर्चना और अजय को कोई पछतावा नहीं था।
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दोनों ने जेल में भी एक-दूसरे से मुलाकात करने के लिए कई बार अर्जी दी, लेकिन कानूनन दोनों के बीच कोई रिश्ता न होने के कारण कभी अनुमति नहीं दी गई।
शहर का चर्चित हत्याकांड, उलझ गई थी पुलिस
जिस वक्त यह घटना हुई थी, उस समय सनसनी फैल गई थी। पुलिस को केस की विवेचना फूंक-फूंक कर करनी थी, क्योंकि मामला पूरी तरह से हाईप्रोफाइल था। अर्चना के पिता उस समय सीएम सिक्योरिटी में तैनात थे तो मृतक ओम प्रकाश के बड़े भाई यूपी पुलिस में इंस्पेक्टर हैं।
इस वजह से पुलिस को केस सुलझाने में थोड़ा समय जरूर लगा था, मगर साक्ष्यों के साथ आरोपित पकड़े गए थे जिस वजह से शनिवार को सजा हो गई।
देखने को कचहरी के अंदर-बाहर जुट गई थी भीड़
दोनों आरोपितों को 23 जनवरी 2016 को कोर्ट में पुलिस ने पेश किया था। इसके पहले प्रेस कांफ्रेंस की जा चुकी थी और लोग जान चुके थे कि मासूम बेटे और पति की कातिल अर्चना ही है। उसे और उसके प्रेमी को देखने के लिए अधिवक्ता ही नहीं, आम लोगों की भीड़ भी जुट गई थी। तब पुलिस ने दोनों आरोपितों का चेहरा लोगों को दिखाया, फिर लोग वहां से हटे।
अंधे प्रेम में बन बैठे हत्यारे
अर्चना और अजय जिस झूठे प्रेम में पड़कर कातिल तक बन गए, वह अब कभी पूरा नहीं हो पाएगा। वारदात के चार साल बाद तक जेल में होने के कारण दोनों की कभी मुलाकात नहीं हो सकी। वहीं अब बाकी बचा जीवन भी जेल में गुजरना है।