फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Gorakhpur News ›   love jihad allegation section removed from fir in gorakhpur

मुकदमे में हटाई गई धर्म छिपाने की धारा, आरोपी को दुष्कर्म और जालसाजी के आरोप में भेजा गया जेल

Tue, 19 Jan 2021 06:30 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 19 Jan 2021 06:30 PM IST
विज्ञापन
love jihad allegation section removed from fir in gorakhpur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

गोरखपुर जिले के चिलुआताल इलाके में धर्म छिपाकर छात्रा से दोस्ती कर उसे अगवा करने के मामले में नया मोड़ आ गया है। जांच में पता चला है कि युवक ने छात्रा से दोस्ती करने के लिए अपना धर्म नहीं छिपाया था। इसके बाद पुलिस ने मुकदमे में धर्म छिपाने की धारा हटा दी है।

विज्ञापन


जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी ने खुद को नेवी अफसर बताकर नौकरी दिलाने के नाम पर छात्रा का शारीरिक शोषण किया है। छात्रा के बयान के आधार पर मुकदमे में नौकरी के नाम पर जालसाजी और दुष्कर्म की धारा बढ़ा दी गई है। आरोपी कर्नाटक निवासी महबूब को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, चिलुआताल इलाके के निवासी सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी की बेटी बीते चार जनवरी को घर से लापता हो गई थी। 11 जनवरी को छात्रा के पिता की तहरीर पर पुलिस ने कर्नाटक, बीजापुर के इंडी निवासी महबूब के खिलाफ अपहरण व उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
विज्ञापन
विज्ञापन


पुलिस को दी तहरीर में सेवानिवृत्त सैन्य कर्मी ने बताया था कि चार जनवरी को वह नाबालिग बेटी को कॉलेज छोड़ने गए थे। इसके बाद बेटी लापता हो गई। पांच जनवरी को उन्होंने गुमशुदगी दर्ज कराई। छानबीन करने पर पता चला कि महबूब नाम का एक युवक उनकी बेटी के संपर्क में था। खुद को हिंदू बताकर उसने बेटी से दोस्ती की। नौकरी दिलाने का झांसा देकर उसे अगवा कर लिया है।

 

मिस्ड कॉल के जरिए हुई थी दोस्ती

एसएसपी जोगेंद्र कुमार के निर्देश पर चिलुआताल थाने के दरोगा राजकुमार सिंह दो सिपाहियों के साथ आरोपी को पकड़ने बीजापुर गए थे। सर्विलांस की मदद से उन्होंने आरोपी को पकड़ लिया। अपहृत को बरामद करने के बाद दोनों को स्थानीय कोर्ट में पेश किया गया। ट्रांजिट रिमांड मिलने पर गोरखपुर लाया गया। यहां छात्रा के बयान के आधार पर अपहरण और धर्म छिपाने के आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई। इसके बाद पुलिस ने दुष्कर्म और जालसाजी की धारा में कार्रवाई की है।

पुलिस को छात्रा ने बताया कि एक साल पहले मिस्ड कॉल के जरिए महबूब से उसका परिचय हुआ। उसने खुद को नेवी का अफसर बताया। फोन पर अक्सर ही वह नौकरी दिलाने की बात करता था। झांसे में आकर उसके साथ कर्नाटक चली गई। उसने नौकरी के नाम पर शारीरिक शोषण किया।

चिलुआताल इंस्पेक्टर नीरज राय ने कहा कि आरोपी ने अपना धर्म छिपाकर छात्रा से दोस्ती नहीं की थी। आरोपी ने युवती को नौकरी दिलाने के नाम पर उसका शारीरिक शोषण किया। इसलिए मामले में उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अध्यादेश-2020 की धारा हटाकर जालसाजी और दुष्कर्म की धारा बढ़ाई गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed