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Gorakhpur News: साहब! सरकारी नौकरी का भूत सवार था, गंवा दिए 17.50 लाख
Wed, 31 Jan 2024 03:11 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 31 Jan 2024 03:11 PM IST
सार
दोनों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था, दिल्ली जाने पर पता चला कि वह फर्जी है। एसएसपी के आदेश पर कैंट थाने में चौरीचौरा के छबैला गांव निवासी मदन मोहन मल्ल व सुनील मल्ल पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Istock
विस्तार
कैंट थाने में चौरीचौरा के रहने वाले सगे भाइयों पर नौकरी के नाम पर 17.50 लाख रुपये हड़पने का केस दर्ज किया गया। पीड़ित मोहित जालान का कहना है कि उन्हें सरकारी नौकरी का भूत सवार हुआ तो लोगों से संपर्क करने लगे। इसी दौरान मामा के घर के पास मिले दो भाइयों ने नौकरी दिलाने के नाम पर 17.50 लाख रुपये लेकर हड़प लिया।
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आरोप है कि दोनों ने फर्जी नियुक्ति पत्र भी दिया था, दिल्ली जाने पर पता चला कि वह फर्जी है। एसएसपी के आदेश पर कैंट थाने में चौरीचौरा के छबैला गांव निवासी मदन मोहन मल्ल व सुनील मल्ल पर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर जालसाजी करने का केस दर्ज किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक, कैंट इलाके के बेतियाहाता निवासी मोहित जालान ने दी तहरीर में लिखा है कि नौकरी की तलाश के दौरान ही वह अक्तूबर 2023 में कुछ जरूरी काम से अपने ननिहाल मुंडेरा बाजार गया था, जहां मामा के लड़के पीयूष खेतान से वहीं का निवासी मदन मोहन मल्ल लेन-देन करते उनके दुकान पर देखा गया, जिससे जान पहचान हो गई, फिर वह मेरे नाम पते का विवरण लेकर कहा कि मेरा और मेरे भाई सुनील मल्ल का अक्सर गोरखपुर आना-जाना रहता है, मैं आपसे जरूर मिलूंगा।
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करीब दो दिन बाद दोनों भाई अचानक घर पहुंच गए व चाय-नाश्ता करने के बाद बोले कि आप के पास सब कुछ है कमी है तो सरकारी नौकरी की, आप इसके लिए प्रयास क्यों नहीं कर रहे हैं। मेरे द्वारा यह कहने पर कि मेरी भी यही तमन्ना है।
आरोपियों ने कहा, आप चिंता छोड़कर रुपये की व्यवस्था में लग जाइए, हम लोग भारतीय खाद्य निगम में सहायक लिपिक पद पर इसी वर्ष आप की नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई।
आरोप है कि 17.50 लाख रुपये वसूलने के बाद दोनों भाइयों ने पांच नवंबर 2023 को नियुक्ति पत्र दे दिया। कहा कि जाकर ज्वाइन कर लें। दिल्ली जाने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कैंट पुलिस जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
आरोपियों ने कहा, आप चिंता छोड़कर रुपये की व्यवस्था में लग जाइए, हम लोग भारतीय खाद्य निगम में सहायक लिपिक पद पर इसी वर्ष आप की नौकरी लगवा देंगे। इसके लिए 20 लाख रुपये की मांग की गई।
आरोप है कि 17.50 लाख रुपये वसूलने के बाद दोनों भाइयों ने पांच नवंबर 2023 को नियुक्ति पत्र दे दिया। कहा कि जाकर ज्वाइन कर लें। दिल्ली जाने पर पता चला कि नियुक्ति पत्र फर्जी है। एसपी सिटी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर कैंट पुलिस जांच कर रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।