UP News: नेपाल सीमा के दो गांव पीएफआई का ठिकाना...पूर्वांचल है निशाना
देशविरोधी गतिविधि में संलिप्त होने के संदेह में एटीएस ने पिछले दिनों कुशीनगर के दो, सिद्धार्थनगर के दो, संतकबीरनगर के एक व गोरखपुर के दो लोगों से पूछताछ की थी। इसी बीच कोतवाली के खूनीपुर के तारिक अतहर के पकड़े जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया।
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नेपाल सीमा से सटे दो गांवों में पापुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएफआई) का ठिकाना सामने आने के बाद खुफिया एजेंसियों के कान खड़े हो गए हैं। गोरखपुर, बस्ती मंडल के सात लोगों से पूछताछ के बाद खुफिया एजेंसी की मदद से इस प्रतिबंधित संगठन के पूरे नेटवर्क की जानकारी पुलिस ने जुटा ली है।
इन दोनों गांवों के लोगों के संपर्क में गोरखपुर और बस्ती मंडल के 77 लोग हैं, जो नेटवर्क को फैलाने की कोशिश में हैं। इन पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। उधर, एडीजी ने जोन के सभी जिले के एसपी को पत्र भेजकर कार्रवाई का निर्देश दिया है।
केंद्र सरकार ने कट्टरपंथी संगठन पीएफआई और उससे जुड़े कई संगठनों पर यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम) के तहत पांच वर्ष के लिए प्रतिबंध लगाया है। जानकारी के मुताबिक, देशविरोधी गतिविधि में संलिप्त होने के संदेह में एटीएस ने पिछले दिनों कुशीनगर के दो, सिद्धार्थनगर के दो, संतकबीरनगर के एक व गोरखपुर के दो लोगों से पूछताछ की थी।
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इसी बीच कोतवाली के खूनीपुर के तारिक अतहर के पकड़े जाने के बाद मामला और गंभीर हो गया। सभी से पूछताछ के आधार पर ही पुलिस व खुफिया एजेंसी ने 77 लोग चिह्नित किए, जिनकी गतिविधि पर पुलिस व खुफिया एजेंसी की नजर है।
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अब पुलिस और खुफिया एजेंसियों की नजर नेपाल सीमा से सटे उन दो गांवों पर टिक गई है, जहां से पूरे नेटवर्क को चलाए जाने की आशंका है। पुलिस दूसरे माध्यमों से इन गांवों में अपनी पैठ भी बना रही है, ताकि पूरी तरह से नेटवर्क पर खंगाल कर इससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई भी कर सके। उधर, आईजी कानून व्यवस्था डॉ. संजीव गुप्ता ने भी गोरखपुर, कुशीनगर, महराजगंज व देवरिया पुलिस से भी कार्रवाई का ब्योरा मांगा है।