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संतकबीरनगर: शौचालय के गड्ढे में गिरने से डेढ़ वर्षीय शिवम की मौत, परिवार में मचा कोहराम
Thu, 23 Jan 2020 05:48 PM IST
विजय जैन
डिजिटल न्यूज डेस्क, धनघटा/संतकबीरनगर।
डिजिटल न्यूज डेस्क, धनघटा/संतकबीरनगर।
Published by: विजय जैन
Updated Thu, 23 Jan 2020 05:48 PM IST
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रोते बिलखते परिजन (इनसेट में बच्चे की फाइल फोटो)।
- फोटो : अमर उजाला
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धनघटा क्षेत्र के संठी गांव में बृहस्पतिवार को खेलते दौरान शौचालय के गड्ढे में गिर जाने से मासूम की मौत हो गई। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया। बाद में परिजनों ने शव को घाघरा नदी के चाडीपुर घाट पर जल प्रवाह कर दिया।
संठी गांव निवासी सूरज चौहान के घर के बगल में शौचालय का निर्माण दो साल पहले कराया गया था। शौचालय का गड्ढ़ा खुला हुआ था। बृहस्पतिवार की सुबह सूरज चौहान का डेढ़ वर्षीय बेटा शिवम खेलते- खेलते शौचालय गड्ढे में जाकर गिर गया। मासूम के गड्ढे में गिरते समय परिवार के लोग देख नही पाए। कुछ देर तक मासूम दरवाजे पर नही दिखा तो उसकी मां सुमन बेटे की तलाश करने लगी।
तलाश करते समय जब मां की नजर शौचालय के गड्ढे की ओर गई तो उसके अंदर बेटे को देख रोने लगी। मां सुमन के रोने की आवाज सुन परिवार और अगल -बगल के लोग वहां पहुंच गए और मासमू को गड्ढे से बाहर निकाला,लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया।गांव वालों का आरोप था कि सूरज के घर बगल में शौचालय का निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से कराया गया था, लेकिन शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन नहीं लगवाया गया।
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संठी गांव निवासी सूरज चौहान के घर के बगल में शौचालय का निर्माण दो साल पहले कराया गया था। शौचालय का गड्ढ़ा खुला हुआ था। बृहस्पतिवार की सुबह सूरज चौहान का डेढ़ वर्षीय बेटा शिवम खेलते- खेलते शौचालय गड्ढे में जाकर गिर गया। मासूम के गड्ढे में गिरते समय परिवार के लोग देख नही पाए। कुछ देर तक मासूम दरवाजे पर नही दिखा तो उसकी मां सुमन बेटे की तलाश करने लगी।
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तलाश करते समय जब मां की नजर शौचालय के गड्ढे की ओर गई तो उसके अंदर बेटे को देख रोने लगी। मां सुमन के रोने की आवाज सुन परिवार और अगल -बगल के लोग वहां पहुंच गए और मासमू को गड्ढे से बाहर निकाला,लेकिन तब तक मासूम की मौत हो चुकी थी। मासूम की मौत पर परिवार में कोहराम मच गया।गांव वालों का आरोप था कि सूरज के घर बगल में शौचालय का निर्माण ग्राम पंचायत की ओर से कराया गया था, लेकिन शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन नहीं लगवाया गया।
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अभी ऐसे तमाम शौचालय गांव में है,जिनके ऊपर ढक्कन नहीं लगा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग किया है कि आधे- अधूरे शौचालयों की मौके पर पहुंच कर जांच करनी चाहिए। यदि समय से जिम्मेदार नहीं चेते तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति हो सकती है। सीडीओ बब्बन उपाध्याय ने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना का लाभ व्यक्तिगत लाभार्थियों को दिया जाता है।
ग्राम पंचायत की ओर से भी शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थियों को 12 हजार की धनराशि उसके खाते में अंतरित की जाती है। ऐसे में लाभार्थियों को चाहिए कि वह खुद शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन लगवाएं। वैसे एडीओ पंचायत और सचिवों को निर्देश जारी कर दिया गया है कि जहां कहीं शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन न लगा हो,वहां तत्काल लाभार्थियो को प्रेरित करके लगवाएं। यदि इसमें लापरवाही हुुई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
ग्राम पंचायत की ओर से भी शौचालय निर्माण के लिए प्रत्येक लाभार्थियों को 12 हजार की धनराशि उसके खाते में अंतरित की जाती है। ऐसे में लाभार्थियों को चाहिए कि वह खुद शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन लगवाएं। वैसे एडीओ पंचायत और सचिवों को निर्देश जारी कर दिया गया है कि जहां कहीं शौचालय के गड्ढे पर ढक्कन न लगा हो,वहां तत्काल लाभार्थियो को प्रेरित करके लगवाएं। यदि इसमें लापरवाही हुुई तो संबंधितों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।