Municipal Elections: मेयर के टिकट के लिए भाजपा में घमासान, बढ़ती जा रही दावेदारों की फेहरिस्त
मेयर के लिए सामान्य सीट होने से कायस्थ बिरादरी के लोगों में ज्यादा उत्साह है। शहर में आबादी के हिसाब से इस समय इस समाज के लोगों की संख्या ज्यादा है। लिहाजा उम्मीद जगी है कि लोकसभा चुनाव के पहले इस समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा।
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गोरखपुर नगर निगम चुनाव की घोषणा होते ही मेयर पद को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। पहली बार यहां की सीट अनारक्षित रखी गई है। ऐसे में सामान्य वर्ग के दावेदारों ने टिकट के लिए भागदौड़ तेज कर दी है। रविवार की देर रात भाजपा और संघ के बड़े नेताओं के यहां परिक्रमा का दौर चलता रहा।
मेयर के लिए सामान्य सीट होने से कायस्थ बिरादरी के लोगों में ज्यादा उत्साह है। शहर में आबादी के हिसाब से इस समय इस समाज के लोगों की संख्या ज्यादा है। लिहाजा उम्मीद जगी है कि लोकसभा चुनाव के पहले इस समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व का मौका मिलेगा। पार्टी कार्यालय पर भी देर शाम दावेदारों की भीड़ जुटने लगी। संगठन के एक बड़े नेता के घर तो कई दावेदार एक साथ पहुंच गए।
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उधर, पार्टी फोरम पर 50 से ज्यादा लोगों ने मेयर के लिए दावेदारी पेश की है। इसमें क्षेत्रीय उपाध्यक्ष डॉ. सत्येंद्र सिन्हा, व्यापारी कल्याण प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष पुष्पदंत जैन, भाजपा पूर्व महानगर अध्यक्ष राहुल श्रीवास्तव, विष्णु शंकर श्रीवास्तव, पूर्व पार्षद मनीष सिंह, जितेंद्र बहादुर चंद, देवेश श्रीवास्तव, बृजेश मणि मिश्र सहित कई पदाधिकारियों ने दावेदारी पेश की है। चुनाव की तैयारी में लगे कई दावेदारों ने शहर में होर्डिंग भी लगवा दिए हैं।
वार्ड के प्रत्याशियों का गुणा-गणित तेज
चुनाव की तिथि घोषित होते ही वार्ड में भाजपा के दावेदार घूमने लगे। बड़े पदाधिकारियों के यहां पहुंचकर टिकट पाने के लिए गुणा-गणित लगाने लगे। जिन दस नए वार्ड में चुनाव होना है वहां तो सिर्फ भाजपा के ही 10 से 12 दावेदार सामने आ गए हैं।
दो स्तर पर होगी स्क्रीनिंग
वार्ड के लिए महानगर और जिला स्तर पर दावेदारी की स्क्रीनिंग की जाएगी। पहले महानगर की स्क्रीनिंग कमेटी गंभीर प्रत्याशियों का चयन करके सूची जिला कमेटी को भेजेगी। इसके बाद जिला की स्क्रीनिंग कमेटी छंटनी करके प्रदेश कार्यालय को सूची भेजेगी। स्क्रीनिंग कमेटी में शामिल एक पदाधिकारी ने बताया कि जबसे तिथि घोषित हुई, लगातार दावेदारों की पैरवी भी आने लगी है।
कब, कौन रहा मेयर
साल मेयर
1995 राजेंद्र शर्मा (पिछड़ा वर्ग)
2000 अमरनाथ यादव (अन्य पिछड़ा वर्ग)
2006 अंजू चौधरी (अन्य पिछड़ा वर्ग)
2012 डॉ. सत्या पांडेय (महिला)
2017 सीताराम जायसवाल (अन्य पिछड़ा वर्ग)