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गोरखपुर की कातिल दुल्हन: फेसबुक से बनी हत्यारिन, पति-बेटे का किया था कत्ल, आशिकी में कई बनी... 'खूनी स्त्री'
Thu, 27 Mar 2025 10:59 AM IST
रोहित सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
Published by: रोहित सिंह
Updated Thu, 27 Mar 2025 10:59 AM IST
सार
शाहपुर की अर्चना यादव पर 20 जनवरी वर्ष 2016 को फिरोजाबाद के प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर पति डॉ. ओमप्रकाश यादव और मासूम बेटे शिवा की हत्या का आरोप लगा था। इसमें उसे सिविल कोर्ट से सजा मिली थी। नौ साल बाद अर्चना और उसके प्रेमी अजय यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
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पति और बेटे के साथ उनकी हत्यारिन अर्चना यादव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
जिले में भी मेरठ जैसी कई घटनाएं अंजाम दी गई हैं। इसमें कई जिंदगियां तबाह हो गईं। मेरठ की मुस्कान की तरह गोरखपुर की अर्चना, सीतांजली, नीलम और सादिया ने भी शादी के बाद पति की हत्या कर प्रेमी के प्यार को पाना चाहा, लेकिन जिंदगी भर का गम हाथ आया। हंसता-खेलता परिवार बर्बाद करने की वजह से समाज और परिवार ने दूरी बना ली। अब हर जगह मुंह छिपाते फिरना पड़ रहा है।
जेल से छूटी अर्चना तो कोई लेने नहीं आया
शाहपुर की अर्चना यादव पर 20 जनवरी वर्ष 2016 को फिरोजाबाद के प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर पति डॉ. ओमप्रकाश यादव और मासूम बेटे शिवा की हत्या का आरोप लगा था। इसमें उसे सिविल कोर्ट से सजा मिली थी। नौ साल बाद अर्चना और उसके प्रेमी अजय यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
अभी 20 दिन पहले महराजगंज जेल से अर्चना को रिहा किया गया है। उधर, वाराणसी जेल में बंद अजय यादव की रिहाई भी भिजवा दी गई है। शुक्रवार तक वह जेल से बाहर आ जाएगा। बताया जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद अर्चना को घर ले जाने परिवार का कोई नहीं आया। इस वजह से उसे कुछ दिन संवासिनी गृह में रखा गया। कुछ दिन पहले वह वहां से कहीं चली गई। ससुराल व उसके परिवार के लोग उसका नाम भी सुनना नहीं चाहते हैं।
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जेल से छूटी अर्चना तो कोई लेने नहीं आया
शाहपुर की अर्चना यादव पर 20 जनवरी वर्ष 2016 को फिरोजाबाद के प्रेमी अजय यादव के साथ मिलकर पति डॉ. ओमप्रकाश यादव और मासूम बेटे शिवा की हत्या का आरोप लगा था। इसमें उसे सिविल कोर्ट से सजा मिली थी। नौ साल बाद अर्चना और उसके प्रेमी अजय यादव को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है।
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अभी 20 दिन पहले महराजगंज जेल से अर्चना को रिहा किया गया है। उधर, वाराणसी जेल में बंद अजय यादव की रिहाई भी भिजवा दी गई है। शुक्रवार तक वह जेल से बाहर आ जाएगा। बताया जा रहा है कि जेल से छूटने के बाद अर्चना को घर ले जाने परिवार का कोई नहीं आया। इस वजह से उसे कुछ दिन संवासिनी गृह में रखा गया। कुछ दिन पहले वह वहां से कहीं चली गई। ससुराल व उसके परिवार के लोग उसका नाम भी सुनना नहीं चाहते हैं।
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सीतांजली और बृजमोहन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
सीतांजली की मिली जमानत, छिपकर बिता रही जिंदगी
सात अप्रैल 2023 को दुबई से कमाकर गीडा के मल्हीपुर स्थित अपने घर लौटे रामानंद विश्वकर्मा का शव पोखरे में मिला था। गीडा पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रामानंद की पत्नी सीतांजली ने प्रेमी बृजमोहन व उसके दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी।
रामानंद के आने से पहले ही सीतांजली ने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रच ली थी। पति के दुबई से वापस आने पर उसे अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। दो साल बाद सीतांजली और बृजमोहन जमानत पर बाहर आ गए। वर्तमान में दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।
सीतांजली इधर-उधर छिपकर जिंदगी बीता रही है। वहीं दोनों को जमानत मिलने पर रामानंद के पिता रामप्रीत विश्वकर्मा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा-भले ही दोनों जेल से बाहर आ गए हैं, जब तक सजा नहीं करा लूंगा तब तक चैन से नहीं बैठूंगा। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
सात अप्रैल 2023 को दुबई से कमाकर गीडा के मल्हीपुर स्थित अपने घर लौटे रामानंद विश्वकर्मा का शव पोखरे में मिला था। गीडा पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रामानंद की पत्नी सीतांजली ने प्रेमी बृजमोहन व उसके दोस्त के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी थी।
रामानंद के आने से पहले ही सीतांजली ने प्रेमी के साथ मिलकर साजिश रच ली थी। पति के दुबई से वापस आने पर उसे अंजाम दिया था। पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। दो साल बाद सीतांजली और बृजमोहन जमानत पर बाहर आ गए। वर्तमान में दोनों अलग-अलग रह रहे हैं।
सीतांजली इधर-उधर छिपकर जिंदगी बीता रही है। वहीं दोनों को जमानत मिलने पर रामानंद के पिता रामप्रीत विश्वकर्मा ने नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा-भले ही दोनों जेल से बाहर आ गए हैं, जब तक सजा नहीं करा लूंगा तब तक चैन से नहीं बैठूंगा। यह कहते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
अर्चना और अजय यादव
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
पति की हत्या करने की आरोपी सादिया और अभिषेक जेल में बंद
गोरखनाथ क्षेत्र में मई 2023 में रेलकर्मी अफरोज आलम (50) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गोरखनाथ पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्या के आरोप में रेलकर्मी की पत्नी सादिया और महराजगंज के प्रेमी अभिषेक चौधरी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया था। सभी आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। इस केस का ट्रायल भी तेजी से चल रहा है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी।
पति और बच्चों की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास
सहजनवां के सहबाजगंज में 26 फरवरी 2023 की देर रात पति अवधेश गुप्ता (35) उनके बेटे सात साल के आर्यन व छह साल के आरव की गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में आरोपी पत्नी नीलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। एक साल आठ माह तक कोर्ट में सुनवाई चली, फिर नीलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जेल में नीलम बिल्कुल शांत रहती है। वह किसी से बात भी नहीं करती है।
गोरखनाथ क्षेत्र में मई 2023 में रेलकर्मी अफरोज आलम (50) की गला रेतकर हत्या कर दी गई थी। मामले में गोरखनाथ पुलिस ने जांच की तो सीसीटीवी फुटेज के आधार पर हत्या के आरोप में रेलकर्मी की पत्नी सादिया और महराजगंज के प्रेमी अभिषेक चौधरी और उसके दोस्तों को गिरफ्तार कर जेल भिजवाया गया था। सभी आरोपी अभी भी जेल में बंद हैं। इस केस का ट्रायल भी तेजी से चल रहा है। पुलिस का दावा है कि बहुत जल्द आरोपियों को सजा सुनाई जाएगी।
पति और बच्चों की हत्या के आरोप में आजीवन कारावास
सहजनवां के सहबाजगंज में 26 फरवरी 2023 की देर रात पति अवधेश गुप्ता (35) उनके बेटे सात साल के आर्यन व छह साल के आरव की गर्दन रेतकर हत्या कर दी गई थी। इस केस में आरोपी पत्नी नीलम को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भिजवा दिया था। एक साल आठ माह तक कोर्ट में सुनवाई चली, फिर नीलम को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। जेल में नीलम बिल्कुल शांत रहती है। वह किसी से बात भी नहीं करती है।