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Gorakhpur: कमिश्नर सहित कई अफसरों के घर घंटों गुल रही बत्ती, सामान्य लोगों को भी उठानी पड़ी परेशानी
Tue, 09 Aug 2022 01:01 PM IST
vivek shukla
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Tue, 09 Aug 2022 01:01 PM IST
सार
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि रात में फाल्ट की वजह से आपूर्ति की दिक्कत हो सकती है, लेकिन से समय से ठीक करवाना जिम्मेदारों का काम है। अगर रात में केबल टूटने पर पांच घंटे सही करने में लगेंगे तो अभियंताओं को अपना आकलन खुद करना पड़ेगा। शिकायतों पर ही लगातार ऐसे लापरवाह अभियंताओं पर कार्रवाई भी हो रही, लेकिन कार्यशैली नहीं सुधर रही।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : ani
विस्तार
बिजली निगम के अभियंताओं की लापरवाही का खामियाजा उपभोक्ताओं के साथ अधिकारियों को भी भुगतना पड़ रहा। रविवार रात लगभग डेढ़ घंटे कमिश्नर, मुख्य चिकित्साधिकारी, सीडीओ आवास के साथ हजारों उपभोक्ताओं के घर बिजली गुल रही। भीषण गर्मी के दौरान लगभग पांच घंटे आपूर्ति ठप होने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
दरअसल, रानीबाग बिजली घर में तकनीकी फाल्ट की वजह से रुस्तमपुर बिजली घर को भी बंद कर दिया गया था। रानीबाग बिजली घर के बेतियाहाता फीडर से मंडलायुक्त, सीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आवास को बिजली आपूर्ति दी जाती है। रात लगभग 9 बजे अचानक फाल्ट से बिजली गुल हो गई।
इधर, रात साढ़े दस बजे करीब नार्मल बिजली घर से जुड़े इलाकों में फाल्ट हो गया। 12 बजे रात तक आपूर्ति सही नहीं हो सकी। रात तीन बजे तक नार्मल बिजली घर से जुड़ा जगन्नाथपुर, अलहदादपुर और अन्य आसपास के इलाकों में बिजली गुल रही।
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24 घंटे से अधिक गुल रही बिजली
खोराबार ग्रामीण के जूही कॉलोनी में 6 अगस्त की शाम 7 बजे 100 एमवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। अभियंताओं ने बताया कि स्टोर में सूचना देने के बाद भी समय से ट्रांसफार्मर नहीं मिल सका। इधर, इससे जुड़े 65 से 70 घरों की बिजली गुल रही। 7 अगस्त दोपहर 4 बजे ट्रांसफार्मर तो लगा दिया गया, लेकिन रात 11 बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हुई।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि रात में फाल्ट की वजह से आपूर्ति की दिक्कत हो सकती है, लेकिन से समय से ठीक करवाना जिम्मेदारों का काम है। अगर रात में केबल टूटने पर पांच घंटे सही करने में लगेंगे तो अभियंताओं को अपना आकलन खुद करना पड़ेगा। शिकायतों पर ही लगातार ऐसे लापरवाह अभियंताओं पर कार्रवाई भी हो रही, लेकिन कार्यशैली नहीं सुधर रही।
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दरअसल, रानीबाग बिजली घर में तकनीकी फाल्ट की वजह से रुस्तमपुर बिजली घर को भी बंद कर दिया गया था। रानीबाग बिजली घर के बेतियाहाता फीडर से मंडलायुक्त, सीडीओ समेत अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के आवास को बिजली आपूर्ति दी जाती है। रात लगभग 9 बजे अचानक फाल्ट से बिजली गुल हो गई।
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इधर, रात साढ़े दस बजे करीब नार्मल बिजली घर से जुड़े इलाकों में फाल्ट हो गया। 12 बजे रात तक आपूर्ति सही नहीं हो सकी। रात तीन बजे तक नार्मल बिजली घर से जुड़ा जगन्नाथपुर, अलहदादपुर और अन्य आसपास के इलाकों में बिजली गुल रही।
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24 घंटे से अधिक गुल रही बिजली
खोराबार ग्रामीण के जूही कॉलोनी में 6 अगस्त की शाम 7 बजे 100 एमवीए का ट्रांसफार्मर जल गया। अभियंताओं ने बताया कि स्टोर में सूचना देने के बाद भी समय से ट्रांसफार्मर नहीं मिल सका। इधर, इससे जुड़े 65 से 70 घरों की बिजली गुल रही। 7 अगस्त दोपहर 4 बजे ट्रांसफार्मर तो लगा दिया गया, लेकिन रात 11 बजे के बाद बिजली आपूर्ति शुरू हुई।
मुख्य अभियंता एके सिंह ने कहा कि रात में फाल्ट की वजह से आपूर्ति की दिक्कत हो सकती है, लेकिन से समय से ठीक करवाना जिम्मेदारों का काम है। अगर रात में केबल टूटने पर पांच घंटे सही करने में लगेंगे तो अभियंताओं को अपना आकलन खुद करना पड़ेगा। शिकायतों पर ही लगातार ऐसे लापरवाह अभियंताओं पर कार्रवाई भी हो रही, लेकिन कार्यशैली नहीं सुधर रही।