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गोरखपुर: हत्या के दो अभियुक्तों को आजीवन कारावास, कुसम्ही जंगल में छिपाया गया था शव
Sat, 01 Oct 2022 03:47 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Sat, 01 Oct 2022 03:47 PM IST
सार
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश सिंह का कहना था कि वादी बाला लखंदर के साले का लड़का ओमकार वादी के घर पर ही रहता था। उसकी मां के मर जाने के बाद उसका पालन पोषण वादी ही करता था।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
हत्या कर शव छिपाने का जुर्म सिद्ध होने पर कोर्ट ने शाहपुर के कोड़इया निवासी अभियुक्त अरविंद और अजय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साक्ष्यों के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश राहुल आनंद ने अभियुक्तों पर तीस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर अभियुक्तों को नौ माह का कारावास अलग से भुगतना होगा।
जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल 2008 में ओमकार की हत्या कर शव को कुसम्ही लंगल में छिपाया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके आधार पर सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश सिंह का कहना था कि वादी बाला लखंदर के साले का लड़का ओमकार वादी के घर पर ही रहता था। उसकी मां के मर जाने के बाद उसका पालन पोषण वादी ही करता था।
11 अप्रैल 2008 को दिन में करीब 12 बजे गांव के ही अरविंद और अजय ओमकार को कुस्मही जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दिए और लाश को पत्तों से छिपा दिया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
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जानकारी के मुताबिक, 11 अप्रैल 2008 में ओमकार की हत्या कर शव को कुसम्ही लंगल में छिपाया गया था। पुलिस ने केस दर्ज कर साक्ष्यों के आधार पर चार्जशीट दाखिल की थी। जिसके आधार पर सुनवाई चल रही थी। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रमेश सिंह का कहना था कि वादी बाला लखंदर के साले का लड़का ओमकार वादी के घर पर ही रहता था। उसकी मां के मर जाने के बाद उसका पालन पोषण वादी ही करता था।
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11 अप्रैल 2008 को दिन में करीब 12 बजे गांव के ही अरविंद और अजय ओमकार को कुस्मही जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दिए और लाश को पत्तों से छिपा दिया। कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।
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