{"_id":"6acff6da8a8d915fb801e574","slug":"let-research-shine-skills-be-honed-and-students-connect-with-earning-opportunities-gorakhpur-news-c-7-gkp1038-1486051-2026-10-15","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gorakhpur News: शोध चमके, हुनर निखरे और कमाई से जुड़ें विद्यार्थी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gorakhpur News: शोध चमके, हुनर निखरे और कमाई से जुड़ें विद्यार्थी
विज्ञापन
गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में शोध की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों को कौशल विकास के जरिये कमाई से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसी क्रम में कुलपति प्रो. केपी सिंह ने बुधवार को अर्थशास्त्र और एमबीए विभाग के शिक्षकों की प्रस्तुतियों की समीक्षा की।
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध, प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन, अंतरविषयी सहयोग और विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. करुणाकर राम त्रिपाठी ने विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और शोध गतिविधियों की जानकारी दी। विभाग के 10 शिक्षकों ने अपनी शैक्षणिक और शोध संबंधी उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। वहीं, एमबीए विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनीष श्रीवास्तव समेत सात शिक्षकों ने विभाग की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से कुलपति को अवगत कराया।
कुलपति ने शिक्षकों से उन्नत शोध उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल कर गुणवत्तापूर्ण शोधपत्र तैयार करने तथा प्रतिष्ठित समकक्ष-समीक्षित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन के प्रयास करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ और सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के अनुभवों का लाभ उठाने के साथ समीक्षा शोधपत्रों और व्यवस्थित साहित्य समीक्षा के माध्यम से शोध की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने नए विषयों और दृष्टिकोणों पर काम करने के लिए अंतरविषयी शोध को भी बढ़ावा देने की बात कही।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
उद्यमिता से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
प्रो. सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अकादमिक गतिविधियों के साथ उद्यमिता से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव हासिल कर सकते हैं। इससे उनके कौशल विकास के साथ कमाई के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने शोध सहयोग, शिक्षक विनिमय, सम्मेलनों और उन्नत प्रशिक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संस्थानों से संपर्क बढ़ाने का सुझाव दिया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों और संस्थागत नीतियों के दायरे में प्रतिवर्ष कम से कम एक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक यात्रा का प्रयास करने को कहा।
विज्ञापन
उन्होंने गुणवत्तापूर्ण शोध, प्रतिष्ठित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन, अंतरविषयी सहयोग और विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण देने के लिए कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए। अर्थशास्त्र विभाग के अध्यक्ष प्रो. करुणाकर राम त्रिपाठी ने विभाग की शैक्षणिक उपलब्धियों और शोध गतिविधियों की जानकारी दी। विभाग के 10 शिक्षकों ने अपनी शैक्षणिक और शोध संबंधी उपलब्धियां प्रस्तुत कीं। वहीं, एमबीए विभाग के अध्यक्ष प्रो. मनीष श्रीवास्तव समेत सात शिक्षकों ने विभाग की गतिविधियों और भविष्य की योजनाओं से कुलपति को अवगत कराया।
विज्ञापन
कुलपति ने शिक्षकों से उन्नत शोध उपकरणों और तकनीकों का इस्तेमाल कर गुणवत्तापूर्ण शोधपत्र तैयार करने तथा प्रतिष्ठित समकक्ष-समीक्षित शोध पत्रिकाओं में प्रकाशन के प्रयास करने को कहा। उन्होंने वरिष्ठ और सेवानिवृत्त प्राध्यापकों के अनुभवों का लाभ उठाने के साथ समीक्षा शोधपत्रों और व्यवस्थित साहित्य समीक्षा के माध्यम से शोध की नई संभावनाएं तलाशने पर जोर दिया। उन्होंने नए विषयों और दृष्टिकोणों पर काम करने के लिए अंतरविषयी शोध को भी बढ़ावा देने की बात कही।
विज्ञापन
उद्यमिता से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव
प्रो. सिंह ने कहा कि विद्यार्थी अकादमिक गतिविधियों के साथ उद्यमिता से जुड़कर व्यावहारिक अनुभव हासिल कर सकते हैं। इससे उनके कौशल विकास के साथ कमाई के अवसर भी बढ़ेंगे। उन्होंने शोध सहयोग, शिक्षक विनिमय, सम्मेलनों और उन्नत प्रशिक्षण के लिए अंतरराष्ट्रीय अकादमिक संस्थानों से संपर्क बढ़ाने का सुझाव दिया। साथ ही उपलब्ध संसाधनों और संस्थागत नीतियों के दायरे में प्रतिवर्ष कम से कम एक अंतरराष्ट्रीय अकादमिक यात्रा का प्रयास करने को कहा।