{"_id":"601ce2488ebc3e4a3b5fe483","slug":"lekhpal-declared-dead-person-alive-for-property-grab-in-gorakhpur","type":"story","status":"publish","title_hn":"संपत्ति हड़पने के लिए जीवित व्यक्ति को घोषित कर दिया मृत, जानिए कैसे हुआ खुलासा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
संपत्ति हड़पने के लिए जीवित व्यक्ति को घोषित कर दिया मृत, जानिए कैसे हुआ खुलासा
Fri, 05 Feb 2021 11:44 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Fri, 05 Feb 2021 11:44 AM IST
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सहजनवां तहसील क्षेत्र के मुस्तफाबाद उर्फ मलउर गांव के निवासी जियाऊ पाल पुत्र हरिद्वार को जिंदा रहते ही सरकारी दस्तावेजों में मृत बना दिया गया। तत्कालीन लेखपाल ने पैतृक संपत्ति के दस्तावेज में जियाऊ को मृत घोषित कर उसके पुत्र चौथी के नाम से वरासत कर दिया। जबकि जियाऊ के परिवार में चौथी नाम का कोई व्यक्ति नहीं है।
विज्ञापन
यह मामला तब सामने आया जब एक सप्ताह पहले जियाऊ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के लिए तहसील मुख्यालय पहुंचे। जियाऊ का कहना है कि वहां पता चला कि तत्कालीन लेखपाल ने वर्ष 2009 में उन्हें मृत घोषित कर वरासत में चौथी पुत्र जियाऊ का नाम दर्ज कर दिया।
विज्ञापन
जियाऊ ने जब खतौनी निकलवाई तो मामले की जानकारी हुई। इसकी शिकायत तहसील संपूर्ण समाधान दिवस में की गई तो अधिकारियों ने न्यायालय में मुकदमा पंजीकृत कराने को कहा। जियाऊ का कहना है कि 12 साल पहले उन्हें सरकारी दस्तावेजों में मृत घोषित करने के बाद तहसील प्रशासन की ओर से बीते नौ जनवरी को जाति प्रमाण पत्र भी जारी किया गया है।
विज्ञापन
इस संबंध में बार एसोसिएशन के पूर्व मंत्री भूपेंद्र तिवारी का कहना है कि जियाऊ को कूटरचित तरीके से मृतक घोषित कर उनकी संपत्ति हड़पने का कृत्य राजस्व कर्मचारी ने किया है। यह न्याय विरुद्ध है। उधर, उपजिलाधिकारी सुरेश कुमार राय और तहसीलदार शशि भूषण पाठक का कहना है कि मामला संज्ञान में है। पत्रावली की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।