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Gorakhpur News: लैंड पूलिंग योजना भी बनेगी गोरखपुर शहर के विकास का माध्यम, ये सुविधाएं विकसित करेगा GDA
Wed, 25 Jan 2023 12:45 PM IST
vivek shukla
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Wed, 25 Jan 2023 12:45 PM IST
सार
मुख्य सड़क से जमीन बहुत दूर होने पर ढांचागत विकास में होने वाली समस्या को देखते हुए प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को ठुकरा भी सकता है। वहीं लैंड पूलिंग के लिए 80 प्रतिशत किसान सहमत होने चाहिए। बाकी 20 प्रतिशत से प्राधिकरण जमीन क्रय भी कर लेगा।
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गोरखपुर विकास प्राधिकरण
- फोटो : Social Media
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विस्तार
गोरखपुर शहर में सुनियोजित विकास के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) लैंड पूलिंग योजना को भी माध्यम बनाएगा। योजना के तहत काश्तकार अपनी जमीन विकसित करने का प्रस्ताव जीडीए को देंगे।
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प्राधिकरण संबंधित जमीन पर ढांचागत सुविधाएं विकसित करने के बाद कुल क्षेत्रफल का 25 फीसदी भूमि काश्तकार को लौटा देगा जिसे वह अपने मुताबिक बेच सकेंगे। वहीं सुविधाएं विकसित करने के बाद जो जमीन बचेगी, जीडीए वहां अपनी परियोजनाएं लागू करेगा। शर्त यह है कि जमीन 25 एकड़ से कम नहीं होनी चाहिए और सड़क के किनारे की होनी चाहिए।
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लैंड पूलिंग योजना के तहत प्राधिकरण, पहली प्राथमिकता उन जमीनों को देगा जो जीडीए की नई महायोजना के अनुसार आवासीय क्षेत्र घोषित होंगी। यदि आवासीय क्षेत्र नहीं है तो कृषि भूमि को भी इस योजना के तहत प्राधिकरण को दिया जा सकता है बशर्तें जमीन किसी न किसी मुख्य सड़क के किनारे हो और वहां पहुंचना आसान हो।
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मुख्य सड़क से जमीन बहुत दूर होने पर ढांचागत विकास में होने वाली समस्या को देखते हुए प्राधिकरण संबंधित प्रस्ताव को ठुकरा भी सकता है। वहीं लैंड पूलिंग के लिए 80 प्रतिशत किसान सहमत होने चाहिए। बाकी 20 प्रतिशत से प्राधिकरण जमीन क्रय भी कर लेगा। योजना के तहत प्लाटिंग करने वाले जमीन कारोबारी भी शर्तों का पालन करते हुए अपनी जमीन दे सकेंगे।
शपथ पत्र के साथ देना होगा आवेदन
इस योजना के लिए भू स्वामियों को निर्धारित प्रपत्र पर शपथ पत्र के साथ आवेदन करना होगा। जमीन के लोकेशन का जीडीए द्वारा निरीक्षण किया जाएगा। संतुष्ट होने पर प्रस्ताव स्वीकार किया जाएगा। प्राधिकरण एवं भू स्वामी काश्तकारों के बीच पंजीकृत विकास अनुबंध होगा। इसपर कोई स्टांप शुल्क नहीं लगेगा।
ये सुविधाएं विकसित करेगा जीडीए
लैंड पूलिंग योजना के तहत जीडीए द्वारा पार्क, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, कूड़ा निस्तारण आदि की ढांचागत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि शहर में सुनियोजित विकास के लिए लैंड पूलिंग योजना के तहत भी विकास कार्य किए जाएंगे। योजना के तहत किसान या भू स्वामी अपनी जमीन का प्रस्ताव दे सकेंगे। शर्त यह होगी कि न्यूनतम 25 एकड़ जमीन होनी चाहिए। कुल जमीन विकसित करने के बाद किसान को 25 प्रतिशत जमीन दे दी जाएगी, जिसे वह बेच सकेंगे।
ये सुविधाएं विकसित करेगा जीडीए
लैंड पूलिंग योजना के तहत जीडीए द्वारा पार्क, जलापूर्ति, ड्रेनेज, सीवरेज, विद्युत आपूर्ति, कूड़ा निस्तारण आदि की ढांचागत सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
जीडीए उपाध्यक्ष महेंद्र सिंह तंवर ने कहा कि शहर में सुनियोजित विकास के लिए लैंड पूलिंग योजना के तहत भी विकास कार्य किए जाएंगे। योजना के तहत किसान या भू स्वामी अपनी जमीन का प्रस्ताव दे सकेंगे। शर्त यह होगी कि न्यूनतम 25 एकड़ जमीन होनी चाहिए। कुल जमीन विकसित करने के बाद किसान को 25 प्रतिशत जमीन दे दी जाएगी, जिसे वह बेच सकेंगे।