गोरखपुर: उद्योग लगाने के लिए सब्सिडी पर मिले जमीन, चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज ने अपर मुख्य सचिव को सौंपा ज्ञापन
पूर्वी उत्तर प्रदेश में गीडा औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। गोरखपुर, एक जिला एक उत्पाद के स्थान पर टेरीकोटा के अलावा रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां प्लास्टिक पार्क की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है।
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गोरखपुर में चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के प्रतिनिधियों ने कहा, उद्योग लगाने के लिए सब्सिडी पर उन्हें जमीन दी जाए। सोमवार को चेंबर के अध्यक्ष विष्णु अजीतसरिया ने विभिन्न मांगों के संबंध में अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन भी सौंपा। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग के अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार से गोरखपुर में उद्योग लगाने के लिए सब्सिडी दर पर जमीन उपलब्ध कराने की उन्होंने मांग की।
गीडा भवन में अपर मुख्य सचिव ने जिले के उद्यमियों के साथ बैठक की। इस दौरान उद्यमियों ने गीडा के विकास के संबंध में अपर मुख्य सचिव के समक्ष अपनी बातें रखीं। कहा गया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में गीडा औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से उभर रहा है। गोरखपुर, एक जिला एक उत्पाद के स्थान पर टेरीकोटा के अलावा रेडीमेड गारमेंट हब के रूप में विकसित हो रहा है। यहां प्लास्टिक पार्क की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है।
गीडा के विकास के लिए विभिन्न प्रावधान करने की जरूरत है। इस संबंध में विभिन्न मांगों का ज्ञापन अपर मुख्य सचिव को दिया गया। इस दौरान चेंबर ऑफ इंडस्ट्रीज के उपाध्यक्ष आरएन सिंह, महासचिव प्रवीण मोदी, सुमित कक्कड़, लघु उद्योग भारती के महेश रुंगटा, आशीष खेतान, सीईओ गीडा पवन अग्रवाल, जीडीए वीसी प्रेमरंजन सिंह आदि उपस्थित थे।
यह है प्रमुख मांगें
- जमीन के रेट को सब्सिडी युक्त किया जाए ताकि उद्योग स्थापना में जमीन की कीमतें बाधक न हो।
- गीडा में औद्योगिक विकास के लिए अतिरिक्त फंड आवंटित कराया जाए।
- गीडा बोर्ड की बैठक हर तीन महीने के अंतराल पर गोरखपुर में अपर मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हो।
- गीडा में टाउन प्लानर की नियुक्ति की जाए जिससे कि इस क्षेत्र के विकास में सहायता मिले।
- गीडा के अधिकारियों का ट्रांसफर विशेष परिस्थितियों को छोड़कर तीन वर्ष के पूर्व न किए जाएं।
- उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स समिट में अनेक उद्यमियों ने एमओयू साइन करने वाले उद्यमियों को औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति 2017 के छूट दिलाई जाए।
- गीडा की इकाई नारायणी लेमिनेट प्राइवेट लिमिटेट ने प्रथम ग्राउंडब्रेकिंग सेरेमनी में विभिन्न मदों में छूट के लिए आवेदन ऑफ़लाइन मोड में किया था। इकाई को मंडली समिति द्वारा लेटर ऑफ़ कम्फर्ट जारी हो चुका है। इसके बाद भी छूट का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
- गीडा द्वारा यह प्रावधान बने कि यदि किसी भूखंड में कोई समस्या है और उस क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं का विकास नहीं हुआ है तो विकास होने के बाद तिथि को आवंटन की तिथि माना जाए।
- गीडा में जल्द से जल्द सीईटीपी की स्थापना कराई जाए।
- गीडा औद्योगिक क्षेत्रों में हैवी लोडेड ट्रकों एवं टैंकरों के अनुरूप ही सड़कों का निर्माण हो तथा नाली व सफाई की व्यवस्था हो।
लघु उद्योग भारती ने भी दिया अपर मुख्य सचिव को ज्ञापन
लघु उद्योग भारती के महामंत्री महेश कुमार रुंगटा और कोषाध्यक्ष आशीष खेतान ने अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार को विभिन्न मांगों का ज्ञापन दिया।
यह हैं प्रमुख मांगें
- प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार एवं क्रियान्वयन के लिए जिला उद्योग केंद्र की एक शाखा गीडा क्षेत्र में स्थापित हो जहां एक साथ 200 से 300 लोग प्रशिक्षण, जानकारी प्राप्त कर सकें।
- बिजली से संबंधित गीडा क्षेत्र के कार्यों के लिए यहीं सब स्टेशन से विभागीय कार्य की व्यवस्था कराई जाए ।
- गीडा बोर्ड में कम से कम दो उद्यमियों को शामिल किया जाए। उन्हें विशेष आमंत्रित सदस्य के रूप में बोर्ड की बैठकों में बुलाया जाए।
- इंडियन ऑयल के पार्किंग एरिया में ही उनके टैंकरों को खड़े करने की व्यवस्था की जाए।
-गीडा के चौक-चौराहे पर अतिक्रमण हटाने का स्थायी समाधान किया जाए।
- गीडा सेक्टर 13 और 15 में प्रवेश करने के रास्ते पर नेशनल हाईवे के डिवाइडर कट के दोनों तरफ स्पीड ब्रेकर लगाए जाने की आवश्यकता है।
ड्रेनेज सिस्टम सही हो तो लगाई जा सकती है फैक्ट्री
गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) द्वारा अधिग्रहित की जा रही लो लैंड जमीनों पर ड्रेनेज सिस्टम सही कर के फैक्ट्रियां स्थापित की जा सकती हैं। लैंड बैंक बढ़ाने के लिए शासन ने 400 करोड़ रुपये की धनराशि गीडा को उपलब्ध कराई है। इसमें 200 करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं तथा 200 करोड़ रुपये गीडा के लिए आरक्षित किया गया है। उद्यमियों की समस्याओं को सुनकर अविलंब अपने स्तर से तथा शासन में पत्र भेजकर समाधान कराएं। यह बातें अपर मुख्य सचिव अरविंद कुमार ने कहीं। वे सोमवार को गीडा कार्यालय के सभागार में उद्यमियों के साथ बैठक को संबोधित कर रहे थे।
बैठक के बाद अपर मुख्य सचिव ने भगवानपुर तथा नरकटहा में गीडा द्वारा अधिग्रहित की जा रही जमीनों की हकीकत देखी। इस दौरान उन्होंने आदित्य बिरला ग्रुप के लिए भगवानपुर की बजाय नरकटहां में 60 से 70 एकड़ जमीन का पैच अविलंब रजिस्ट्री करा कर आवंटित करने के लिए कहा। उन्होंने कहा कि लो लैंड जमीन पर ड्रेनेज की अच्छी व्यवस्था कर देने के बाद बाहर की उद्यमी भी उद्योग लगाने गीडा में आएंगे।