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Lalita Saptami 2021: ललिता सप्तमी आज, जानिए व्रत का महत्व और पूजन विधि
Mon, 13 Sep 2021 02:19 AM IST
vivek shukla
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
Published by: vivek shukla
Updated Mon, 13 Sep 2021 02:19 AM IST
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Lalita Saptami 2021
- फोटो : अमर उजाला।
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ललिता सप्तमी का पर्व 13 सितंबर सोमवार यानी आज मनाया जाएगा। हिंदी पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास शुक्ल पक्ष की सप्तमी के दिन ललिता सप्तमी का व्रत किया जाता है। इस व्रत को संतान सप्तमी व्रत भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस व्रत को रखने से निसंतान दंपत्ति को संतान की प्राप्ति होती है।
ललिता सप्तमी व्रत का महत्व
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, ललिता सप्तमी व्रत राधा देवी की सखी ललिता को समर्पित है। वह वृंदावन की एक गोपी हैं। इस व्रत को पहली बार श्रीकृष्ण द्वारा बताए जाने पर रखा गया था। मान्यता है कि इस व्रत को करने से नवविवाहित जोड़ों को स्वस्थ और सुंदर संतान प्राप्ति होती है। साथ ही यह व्रत संतान की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए भी रखा जाता है।
ललिता सप्तमी व्रत पूजन विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान गणेश, देवी ललिता, माता पार्वती, भगवान शिव और शालिग्राम की विधि विधान से पूजा करें। सभी देवी देवताओं को भोग लगाने के बाद आरती करें। शाम के समय फलाहार कर अगले दिन व्रत का पारण करें।
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ललिता सप्तमी व्रत का महत्व
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, ललिता सप्तमी व्रत राधा देवी की सखी ललिता को समर्पित है। वह वृंदावन की एक गोपी हैं। इस व्रत को पहली बार श्रीकृष्ण द्वारा बताए जाने पर रखा गया था। मान्यता है कि इस व्रत को करने से नवविवाहित जोड़ों को स्वस्थ और सुंदर संतान प्राप्ति होती है। साथ ही यह व्रत संतान की अच्छी सेहत और लंबी उम्र के लिए भी रखा जाता है।
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ललिता सप्तमी व्रत पूजन विधि
ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान गणेश, देवी ललिता, माता पार्वती, भगवान शिव और शालिग्राम की विधि विधान से पूजा करें। सभी देवी देवताओं को भोग लगाने के बाद आरती करें। शाम के समय फलाहार कर अगले दिन व्रत का पारण करें।
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